मौसम की खराब या किसी अन्य कारण की वजह से हवाई यात्रा में आई दिक्कतों और परिवर्तन के बीच एयरलाइंस यात्री को खाना और रिफ्रेशमेंट मुहैया करवाने को जिम्मेदार है।
एक उपभोक्ता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए फोरम ने यह टिप्पणी की है। फोरम ने फ्लाइट इंटरचेंज के दौरान खाना नहीं देने पर स्पाइस जेट एयरलाइंस पर 10 हजार का जुर्माना ठोका है।
दिल्ली के पीतमपुरा निवासी शामिक नाग ने 17 सितंबर 2015 को दिल्ली से पोर्टब्लेयर जाने और 25 सितंबर को पार्ट ब्लेयर से वापस दिल्ली आने की स्पाइस जेट एयरलाइंस की टिकटें बुक करवाई थीं।
उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई कि स्पाइस जेट ने पहले दिल्ली से पोर्ट ब्लेयर की फ्लाइट रद्द कर दी। इसके बाद पीड़ित ने स्पाइस जेट कंपनी से दूसरी एयरलाइंस में जाने की व्यवस्था करवाने की अपील की और साथ ही दूसरी फ्लाइट्स में सीट की उपलब्धता की जानकारी भी दी, लेकिन एयरलाइंस ने अपील खारिज कर दी और उनके तय समय से एक दिन पहले ही उन्हें अन्य फ्लाइट से पोर्ट ब्लेयर के लिए भेज दिया।
लेकिन जब फ्लाइट इंटरचेंज के लिए चेन्नई एयरपोर्ट पर रुकी तो वहां पर उपभोक्ता को साढ़े 4 घंटे दूसरी फ्लाइट के लिए इंतजार करना पड़ा। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जिस फ्लाइट में उसे भेजा गया उसकी सीटें भी आरामदायक नहीं थी और इस यात्रा के दौरान चेन्नई एयरपोर्ट पर उन्हें खाना भी नहीं दिया गया। फोरम ने स्पाइस जेट एयरलाइंस को दोषी ठहराते हुए 10 हजार रुपये बतौर जुर्माना देने का आदेश दिया है।