{"_id":"5bf8ba7dbdec2241836ba9b5","slug":"signature-bridge-accident-two-killed-after-bike-rams-into-divider","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सिग्नेचर ब्रिज हादसा: पिता ने बेटे को लेकर खोला ऐसा राज, बोले- 'जिद कर हॉस्टल आया था चंद्रशेखर'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिग्नेचर ब्रिज हादसा: पिता ने बेटे को लेकर खोला ऐसा राज, बोले- 'जिद कर हॉस्टल आया था चंद्रशेखर'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 24 Nov 2018 08:12 AM IST
विज्ञापन
हादसे में क्षतिग्रस्त बाइक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिग्नेचर ब्रिज पर हुए हादसे में मारे गए देवली खानपुर दिल्ली निवासी चंद्रशेखर के पिता इस घटना से काफी सदमे में हैं। पिता शिव नारायण बेटे को बाबू कहकर पुकारते थे। उन्होंने कहा कि बाबू छठ पूजा मनाने घर आया था। वह बृहस्पतिवार को वापस हॉस्टल जाने के लिए तैयार होने लगा। उसे तैयार होते देख पिता ने कहा कि शुक्रवार को गुरु पर्व की छुट्टी है। ऐसे में वह शनिवार को हॉस्टल चला जाए। लेकिन चंद्रशेखर ने पिता से कहा कि उसे पढ़ाई करनी है, इसलिए जाना जरूरी है। यह कहकर वह घर से निकल गया।
मृतक के पिता
- फोटो : अमर उजाला
शिव नारायण कहते हैं कि मौत ही उसके बेटे को खींचकर ले आई। चंद्रशेखर के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई और एक बहन है। दोनों भाई उससे बड़े हैं। शिव नारायण ने बताया कि अस्पताल से उनके पास फोन आया। बताया गया कि चंद्रशेखर का सड़क हादसे में पैर टूट गया है। लेकिन यहां आने के बाद चंद्रशेखर की मौत की खबर सुनकर वह सन्न रह गए और बेटे के शव से लिपटकर रोने लगे। वह एक ही बात दोहरा रहे थे कि एक बार उठकर गले लग जा। उसके बाद परिवार व रिश्तेदार के अलावा आस पड़ोस के लोगों का अस्पताल आने का सिलसिला शुरू हो गया।
चंद्रशेखर को था बाइक चलाने का शौक
मृतक चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला
बड़े भाई गोविंदा ने बताया कि चंद्रशेखर को बाइक चलाने का शौक था, लेकिन वह पूरी तरह से बाइक चलाना नहीं सीख पाया था। एक महीने पहले बाइक चलाते समय चंद्रशेखर के घुटने और हाथ में चोट लगी थी। उसका दोस्त डॉक्टर सत्या विजय शंकरन उसका शौक पूरा करने के लिए उसे बाइक चलाना सिखाता था। हालांकि चंद्रशेखर के पिता ने विजय को उसे बाइक से दूर रखने के लिए कहा था। गोविंदा ने बताया कि चंद्रशेखर उससे आईफोन की मांग कर रहा था। उसने पढ़ाई पूरी करने के बाद फोन देने की बात कही थी। लेकिन सत्या ने चंद्रशेखर को उदास देखकर एक फोन गिफ्ट कर दिया था। सत्या को उसके जन्मदिन पर उसके परिवार वालों ने केटीएम बाइक तोहफे में दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहपाठियों ने फेसबुक पर फोटो शेयर किए
लोगों को सिग्नेचर ब्रिज से हटाते हुए पुलिकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया के जरिये दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद उनके अध्यापक और सहपाठी तुरंत सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। अध्यापक ने अपने छात्रों को पहले बताया कि उनका इलाज चल रहा है लेकिन धीरे-धीरे सभी को मालूम हो गया कि वह अब उनके बीच नहीं रहे। उसके बाद अध्यापकों और सहपाठियों की आंखें नम हो गई।
हादसे के बाद स्टंट और सेल्फी को लेकर चर्चा
सिग्नेचर ब्रिज पर हादसा होने के बाद यह चर्चा आम हो गई कि मेडिकल के दोनों छात्रों की मौत सिग्नेचर ब्रिज पर स्टंट करने और सेल्फी लेने के दौरान हुई है। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद इन दोनों बातों को सिरे से नकार दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के दौरान बाइक की रफ्तार तेज थी और बाइक के अनियंत्रित होने से हादसा हुआ है।
हादसे के बाद स्टंट और सेल्फी को लेकर चर्चा
सिग्नेचर ब्रिज पर हादसा होने के बाद यह चर्चा आम हो गई कि मेडिकल के दोनों छात्रों की मौत सिग्नेचर ब्रिज पर स्टंट करने और सेल्फी लेने के दौरान हुई है। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद इन दोनों बातों को सिरे से नकार दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के दौरान बाइक की रफ्तार तेज थी और बाइक के अनियंत्रित होने से हादसा हुआ है।
विज्ञापन
हादसे के बाद भी सेल्फी लेते दिखे बाइक सवार
घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह सिग्नेचर ब्रिज पर सड़क दुर्घटना में मेडिकल के दो छात्रों की मौत के बाद भी इस पुल से गुजरने वाले बाइकर्स ने सीख नहीं ली है। घटना के कुछ ही घंटों बाद ही एक बाइक पर सवार तीन युवकों को तेज रफ्तार से बाइक चलाकर सेल्फी लेते हुए देखा गया। पुल से कश्मीरी गेट आने वाले जाफराबाद निवासी मोहसिन ने बताया कि एक तो बाइक चालक पुल पर अपनी बाइक की रफ्तार को कम नहीं करते हैं। साथ ही बाइक पर खड़े होकर सेल्फी लेते हैं। वह इस तरह से सेल्फी लेते हैं, जिससे कि उनके मोबाइल में सिग्नेचर ब्रिज दिखाई दे सके। खजूरी निवासी मनोज ने बताया कि सुबह के समय बाइक सवारों को यहां स्टंट करते हुए देखे जा सकता है। ऐसे में कभी भी दोबारा हादसा हो सकता है।