फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नोटों के बैन के बाद बेटियों के गुल्लकों ने बचाई घर की लाज, चलाया परिवार का खर्चा

Thu, 10 Nov 2016 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Thu, 10 Nov 2016 09:13 AM IST
विज्ञापन
Side effects of discontinuing of 500 and 1000 notes, piggy banks are becoming boon for families
note - फोटो : सौरभ पांडे

आपने अक्सर लोगों को ये कहते सुना होगा कि बेटियां माता पिता की हर परेशानी में बेटों से पहले खड़ी दिखाई देती हैं। ये बात तब भी सही साबित होती दिखी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर की रात 12 बजे से 500 और 1000 के नोटों का चलन बंद करने का ऐलान किया। (सभी फोटोः सौरभ पांडे/गाज‌ियाबाद ब्यूरो)

Side effects of discontinuing of 500 and 1000 notes, piggy banks are becoming boon for families

ऐसे में लोग परेशान हो गए कि आखिर दो दिन बैंक और एटीएम बंद रहने के कारण और दो बड़े नोटों का लेन-देने बंद होने से घर के छोटे-मोटे खर्च कैसे चलेंगे। वो चीजें जो सिर्फ नकद देकर ही खरीदी जा सकती हैं उनका इंतजाम कैसे होगा। ऐसे वक्त में एक गाज‌ियाबाद के एक पिता का सहारा बनी उसकी 6 माह की बेटी।

Side effects of discontinuing of 500 and 1000 notes, piggy banks are becoming boon for families
note - फोटो : सौरभ पांडे

आप सोच रहे होंगे कि जब सभी के पास छुट्टे रुपयों का अभाव है तो एक छह माह की बेटी ने कैसे अपने पिता को इस मुसीबत से उबारा। वैसे तो घर में कुल चिल्लर व छोटे नोट मिलाकर 360 रुपए थे लेकिन एक छह माह की बच्ची वाले घर में यह पैसे बहुत कम हैं और दो दिन तक बिना कैश के गुजारा भी काफी मुश्किल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Side effects of discontinuing of 500 and 1000 notes, piggy banks are becoming boon for families
note - फोटो : सौरभ पांडे

ऐसे कठिन समय में घरवालों को याद आई बेटी ‌ऋषिका की गुल्लक। पहले तो मन में संकोच हुआ कि इतनी छोटी बेटी की गुल्लक कैसे तोड़ी जाए लेकिन मन को दबाकर और बच्ची की जरूरतों को देखते हुए पिता ने बेटी गुल्लक तोड़ी जिसमें से 100-100 के 28 नोट निकले। पिता का कहना है कि बेटी की बदौलत अब वो दो दिनों के लिए अमीर हैं और सच में बेटियां हर मुसीबत में साथ देने वाली होती हैं।

विज्ञापन
Side effects of discontinuing of 500 and 1000 notes, piggy banks are becoming boon for families
note - फोटो : note

गाजियाबाद में ऐसी ही एक और घटना सामने आई जहां बच्चों की गुल्लक तोड़कर अगले दो दिनों के नकद की व्यवस्था की गई। अचानक आई इस परेशानी का सामना करने के लिए आज बहुत से घरों में गुल्लक तोड़े गए जिससे रोजाना का काम हो सका।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed