फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पीसी चाको की वो चिट्ठी, जिससे टूट गया था शीला दीक्षित का मनोबल?

Sun, 21 Jul 2019 11:27 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 21 Jul 2019 11:27 AM IST
विज्ञापन
Sheila Dikshit morale broken after PC chacko letter
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आखिरी वक्त में तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित को अपनों से ही बार-बार गिरते स्वास्थ्य और भूलने को लेकर लग रहे आरोपों पर कई बार सफाई देनी पड़ी। दिल्ली के प्रभारी पीसी चाको की तीन दिन पहले मिली आखिरी चिट्ठी भी शायद उनका मनोबल तोड़ने और राजनीतिक झटका देने के लिए काफी थी। इसी मार्च में उन्होंने 80 साल पूरे किए थे। 
Sheila Dikshit morale broken after PC chacko letter
- फोटो : amar ujala
शीला के करीबियों का कहना है कि उनका मनोबल तोड़ने और राजनीतिक झटका देने के लिए दिल्ली के प्रभारी पीसी चाको की तरफ से तीन दिन पहले लिखी गई आखिरी चिट्ठी शायद काफी थी। चाको ने चिट्ठी लिखकर कर कहा कि आपकी सेहत ठीक नहीं है, ऐसे में तीनों कार्यकारी अध्यक्ष स्वतंत्र रूप से काम करेंगे और बैठक बुलाएंगे। इससे आहत शीला ने अगले दिन ही चाको को जवाब देते हुए तीन कार्यकारी अध्यक्षों के कामकाज का बंटवारा कर दिया। ये फैसला उनकी दूसरी राजनीति पारी का आखिरी फैसला साबित हुआ।
Sheila Dikshit morale broken after PC chacko letter
राहुल गांधी ने इस साल जनवरी में शीला दीक्षित को एक बार फिर अगुवाई का मौका दिया। तीन कार्यकारी अध्यक्षों के साथ शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया। इस बार शीला जब दिल्ली लौटीं तो उनके अपने भी पराए थे और उन्हें भुला दिया था। उनके नेतृत्व पर सवाल उठाने और अक्षम साबित करने के लिए पार्टी के भीतर से ही उनके भूल जाने के तंज खुलेआम सुनाई दे रहे थे। हर बार उन्होंने इसका जवाब भी दिया। पार्टी के बाहर भी विरोधियों के बीच उनकी छवि पर भूलने के दाग लगा रही थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Sheila Dikshit morale broken after PC chacko letter
लोकसभा चुनाव से पहले शीला ने संगठन को कसने के लिए कुछ फेरबदल किए जिसके बाद उनके करीबी रहे राजकुमार चौहान पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए। शीला दीक्षित के अड़े रहने के कारण ही दिल्ली में आप के साथ गठबंधन नहीं हुआ। पार्टी के तमाम नेताओं ने उन्हें कोसा जरूर लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी आगे बढ़ती हुई दिखी। 
विज्ञापन
Sheila Dikshit morale broken after PC chacko letter
2017 को यूपी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के सामने ऐसा कोई चेहरा नहीं था जिसे आगे करके चुनाव लड़ा जाए। कांग्रेस नेतृत्व ने शीला दीक्षित को यूपी की सीएम उम्मीदवार के तौर पर पेश किया। पार्टी उनके माध्यम से यूपी के ब्राह्मण मतदाताओं, विकास करने वाली महिला की छवि और अनुभव को भुनाना चाहता था। शीला दीक्षित ने यूपी में बस से दौरा भी शुरू कर दिया था लेकिन गठबंधन की राजनीति में उन्हें अपने पैर खींचने पड़े और पार्टी ने भी अपनी इस नेता को घर बैठा दिया। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed