शाहीन बाग में नागरिकता संसोधित कानून (सीएए) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल लोग अब पुलिसिया कार्रवाई की अफवाहों से सहमे हुए हैं। हर घंटे सोशल मीडिया पर नई अफवाह तैर रही है। कुछ लोगों का कहना है कि धरने को हटाने के लिए पुलिस गणतंत्र दिवस सकुशल निपटने का इंतजार कर रही है। इसके बाद, देर रात पुलिसिया कार्रवाई की आशंका है।
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शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इन अफवाहों के बीच लोग शनिवार को भी बीच सड़क पर डटे रहे। शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों की नारेबाजी पहले की तरह थी, लेकिन उतना जोश नहीं दिख रहा था। ज्यादातर लोग पुलिस की कार्रवाई की चर्चा करते दिखे। शुक्रवार को लंगर पर कार्रवाई के बाद लोगों का आरोप है कि पुलिस कभी भी बर्बरतापूर्वक कार्रवाई कर सकती है। ज्यादातर लोग इन अफवाहों को दूसरों के मोबाइल पर शेयर भी कर रहे हैं।
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शाहीन बाग प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते को खुलवाने के लिए लोगों का पैदल 2 फरवरी को
शाहीन बाग में प्रदर्शन के चलते बंद रास्ते को खुलवाने के लिए स्थानीय लोग दो फरवरी को सड़कों पर पैदल मार्च करेंगे। रास्ता बंद होने से इन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पैदल मार्च सरिता विहार से निकाला जाएगा। इसमें कई दूसरे मोहल्लों के लोग भी शामिल होंगे। लोगों का कहना है कि शाहीन बाग प्रदर्शन में लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारी उस रास्ते से पैदल जाने वालों से भी मारपीट कर रहे हैं।
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शाहीन बाग प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त चिन्मय विस्वाल से मिलकर स्थानीय लोगों अजय सिंह, मृत्युंजय अग्रवाल, पवन वर्मा, कुलदीप कसाना, संजय सिंह आदि ने बताया कि सरिता विहार, जसोला, मीठापुर विलेज, जैदपुर, मदनपुर और हरिकेश नगर में रहने वाले लोग शाहीन बाग का रास्ता बंद होने से काफी परेशान हैं।
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शाहीन बाग में प्रदर्शन में शामिल लोग
- फोटो : अमर उजाला
इनका आरोप है कि प्रदर्शनकारी अब पैदल और दोपहिया वाहन से सड़क पार करने के प्रयास पर भी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इसलिए शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ स्थानीय लोग सड़कों पर उतरेंगे। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग शाहीन बाग तक पैदल मार्च निकालेंगे। लोगों की मांग है कि बंद सड़क को जल्द शुरू किया जाए।