दर्दनाक हादसे के जिम्मेदारों में शामिल भूस्वामी गंगा शंकर द्विवेदी पुलिस कस्टडी में मुस्कुराता नजर आया। इतने बड़े हादसे और कई लोगों की मौत के बाद भी उसके चेहरे पर डर की छाया तक नहीं दिखाई दी। वह खुद को निर्दोष बताते हुए मुस्कुरा रहा था। उसे न पुलिस का डर था और न ही उस पर होने वाली कार्रवाई का ही खौफ था। दूसरी ओर, हादसे की खबर सुनकर पहुंचे मलबे में दबे लोगों के परिजन व रिश्तेदार आंसू बहाते हुए अपनों को ढूंढ रहे थे।
2 of 5
building collapse shaberi
- फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भूस्वामी कॉलोनाइजर को मोटी कीमत पर अपनी भूमि बेच देते हैं। इस हादसे की पड़ताल में भी यही मामला सामने आया है। दस्तावेज में निर्माणाधीन हादसा ग्रस्त बिल्डिंग के भूस्वामी गाजियाबाद निवासी गंगा शंकर द्विवेदी ने जानकारी दी है कि उसने ये भूमि बेच दी थी।
3 of 5
building collapse shaberi
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस ने उसे भी हादसे का जिम्मेदार मानते हुए गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस हिरासत में जब उससे पूछा गया कि आपकी गलती से इतने लोगों की मौत हुई है, इस पर उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मेरी कोई गलती नहीं है, मैं निर्दोष हूं। जबकि हादसे के बाद मौके पर पहुंचे मलबे में दबे लोगों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और वह भूस्वामी, ब्रोकर और कॉलोनाइजर को सभी मौतों का जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
पूर्व में हुए हादसों में गिरफ्तारी में हुई है ढिलाई
बिसरख कोतवाली क्षेत्र के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कई बार बिल्डर, ठेकेदार व अन्य की लापरवाही से विभिन्न हादसो में मजदूर व अन्य लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज की है लेकिन अधिकांश मामलों में गिरफ्तारी न होने से आरोपियों का हौसला बुलंद रहता है। डेढ़ माह पूर्व तेज आंधी के दौरान अवैध यूनीपोल गिरने से एक बाइक सवार महिला की मौत हुई थी और उसका बेटा घायल हुआ था।
वहीं, एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के खुले पड़े शाफ्ट में गिरकर एक मजदूर दंपति के इकलौते बेटे की मौत हुई थी। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी लेकिन नामजदों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। दो सप्ताह पूर्व एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में दो मजदूरों की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। इस मामले में भी कार्रवाई व गिरफ्तारी नहीं हो पाई।