मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजी द्विवेदी की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस वारदात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मंगलवार को पुलिस टीम ने शैलजा हत्याकांड के क्राइम सीन को रिक्रिएट करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी आरोपी मेजर निखिल हांडा को लेकर घटनास्थल पहुंचे। वहां सीन दोहराने का प्रयास किया।
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shailza murder
- फोटो : अमर उजाला
करीब आधे घंटे बाद पुलिस उसे लेकर आरआर अस्पताल और बाद में साकेत स्थित उसके घर पहुंची। पुलिस ने वारदात वाले दिन निखिल के पहने कपड़े बरामद करने का प्रयास किया। हालांकि निखिल लगातार कह रहा है कि उसने कपड़ों को घर के पास ही जला दिया था। पुलिस को जले हुए कपड़ों के अवशेष भी नहीं मिले हैं। पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि आरोपी कपड़ों को जलाने की बात कहकर पुलिस को उलझाने का प्रयास कर रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सेना का बड़ा अधिकारी है। सेना के जवानों व अधिकारियों को विशेष तरह की ट्रेनिंग दी जाती है कि दुश्मन पकड़ ले तो उससे कैसे निपटना है। ऐसे में उसे अच्छी तरह पता है कि पुलिस को कैसे उलझाया जा सकता है। बेहद प्रोफेशनल तरीके से मेजर निखिल से पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को हुई पूछताछ और घटनाक्रम के बाद पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा है।
पुलिस को अब भी उस चाकू की तलाश है, जिससे शैलजा को मौत के घाट उतारा गया। पुलिस अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि मेरठ के जिस कमरे से जहां निखिल रुका था, वहां से अहम सुबूत हाथ लग सकते हैं। पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को दोबारा निखिल के छोटे भाई रजत से पूछताछ की। पुलिस ने रजत से पूछा कि घर आने के बाद उसकी निखिल से क्या-क्या बात हुई थी।
मेरठ फरार होने से पूर्व रजत भाई के साथ कार में मौजूद था। देर रात करीब 10 बजे निखिल ने रजत को अक्षरधाम मंदिर के पास उतारा और मेरठ चला गया। रजत ने पुलिस को बताया है कि उसने भाई से सरेंडर करने के लिए कहा था। वहीं पुलिस ने रजत से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास किया कि निखिल ने रास्ते में रुककर हत्याकांड से संबंधित कोई सबूत तो नहीं मिटाया।