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जेएनयू में रोहित वेमूला की बरसी पर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Jan 2017 10:34 AM IST
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रोहित वेमुला की बरसी पर प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमूला की बरसी पर मंगलवार को जेएनयू छात्रसंघ ने विरोध प्रदर्शन किया। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए पचास से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया, जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
रोहित वेमुला की बरसी पर प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
मंडी हाउस से विरोध प्रदर्शन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुआ। बाराखंबा होते हुए विरोध मार्च जंतर-मंतर तक पहुंचा। प्रदर्शन की अध्यक्षता जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मोहित ने की। उन्होंने बताया कि एक साल बीतने के बाद भी रोहित को न्याय नहीं मिल पाया है।
रोहित वेमुला की बरसी पर प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
इसी मांग को लेकर हम मंत्रालय तक अपनी बात प्रदर्शन के माध्यम से रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया और छात्रों को काफी चोटें आईं। मोहित के मुताबिक, हमारी मांग है कि विश्वविद्यालयों में छात्रों की मांग के लिए रोहित एक्ट लागू होना चाहिए।
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रोहित वेमुला की बरसी पर प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा कुलपति प्रो. अप्पा राव को हटाया जाए और 15 अक्तूबर से लापता जेएनयू छात्र नजीब अहमद को तलाशा जाए। जेएनयू शिक्षक यूनियन की मांग पर मंगलवार को कैंपस में पढ़ाई नहीं हु़ई, क्योंकि शिक्षक हड़ताल पर थे।
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शिक्षक यूनियन के अध्यक्ष प्रो. अजय पटनायक ने बताया कि विश्वविद्यालय के मनमाने नियम और यूजीसी के नियमों के विरोध में हमारी यह हड़ताल थी। हालांकि शिक्षक यूनियन की मांग के बाद भी स्कूल ऑफ साइंसेस, संस्कृत में कक्षाएं जारी रहीं। क्योंकि इन सेंटर के शिक्षक हड़ताल में शामिल नहीं हुए थे। उधर, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 27 जनवरी को शिक्षक यूनियन के साथ बैठक बुलाई है।
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षक यूनियन के अध्यक्ष प्रो. अजय पटनायक ने बताया कि विश्वविद्यालय के मनमाने नियम और यूजीसी के नियमों के विरोध में हमारी यह हड़ताल थी। हालांकि शिक्षक यूनियन की मांग के बाद भी स्कूल ऑफ साइंसेस, संस्कृत में कक्षाएं जारी रहीं। क्योंकि इन सेंटर के शिक्षक हड़ताल में शामिल नहीं हुए थे। उधर, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 27 जनवरी को शिक्षक यूनियन के साथ बैठक बुलाई है।