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मौत बनकर आया सेना का ट्रक, आंखों के सामने दम तोड़ गईं मां-बेटी, हेलमेट ने बचा ली जिंदगी
Sun, 04 Aug 2019 02:43 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 04 Aug 2019 02:43 PM IST
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गाजियाबाद में सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद की कोतवाली क्षेत्र में जीटी रोड पर सेना के ट्रक की टक्कर से बाइक सवार मां-बेटी की मौत हो गई। महिला का देवर घायल हो गया। भाभी-भतीजी को मेरठ से शाहदरा लेकर जा रहे नूर मोहम्मद हादसे में बाल-बाल बचा। उनका कहना है कि मौत को उसने बेहद करीब देखा। आर्मी का ट्रक मौत बनकर आया था, लेकिन उसने हेलमेट लगा रखा था, जिसके चलते उसकी जान बच गई। हालांकि, उसके हाथ में फ्रैक्चर जरूर हो गया। घटना के बाद शाहदार व मेरठ से परिजन गाजियाबाद दौड़ पड़े। घटनास्थल पर चीत्कार मच गई। पुलिस ने आर्मी ट्रक के अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
मौके पर पुलिस और परिजन
- फोटो : अमर उजाला
थाना लिसाड़ी गेट, मेरठ के हुमायूं नगर निवासी नूर मोहम्मद ने बताया कि वह अपनी भाभी तबस्सुम (26) पत्नी गुल मोहम्मद व भतीजी सुमईया (3) के साथ बाइक से शाहदरा जा रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे नए बस स्टैंड के मोड़ पर पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे सेना के ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीनों लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। राहगीरों ने घायलों को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां तबस्सुम व उसकी बेटी सुमईया को मृत घोषित कर दिया गया। एसएचओ लक्ष्मण वर्मा ने बताया कि घायल नूर मोहम्मद ने आर्मी के ट्रक का नंबर नोट कर लिया था। अब चालक का पता लगाया जा रहा है।
मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
चाची का ऑपरेशन हुआ था
परिजनों ने बताया कि तबस्सुम की शाहदरा निवासी चाची का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था। वह कई दिनों से चाची को देखकर आने की बात कह रही थी। शनिवार को देवर नूर मोहम्मद ने शाहदरा चलने के लिए कहा तो वह तैयार हो गई, लेकिन उसे क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा और लौटकर घर नहीं आ सकेगी।
परिजनों ने बताया कि तबस्सुम की शाहदरा निवासी चाची का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था। वह कई दिनों से चाची को देखकर आने की बात कह रही थी। शनिवार को देवर नूर मोहम्मद ने शाहदरा चलने के लिए कहा तो वह तैयार हो गई, लेकिन उसे क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा और लौटकर घर नहीं आ सकेगी।
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- फोटो : अमर उजाला
शुक्र है, जुड़वां बेटी को घर छोड़ आई
नूर मोहम्मद के परिजनों ने बताया कि तबस्सुम ने शादी के एक साल बाद दो जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। अकसर वह दोनों को साथ लेकर जाती थी, लेकिन शाहदरा आते समय वह एक रुकैय्या को घर छोड़ आई और दूसरी बेटी सुमैय्या को साथ ले आई। परिजनों का कहना है कि अगर रुकैय्या साथ होती तो उसके साथ भी कोई अप्रिय घटना हो सकती थी।
नूर मोहम्मद के परिजनों ने बताया कि तबस्सुम ने शादी के एक साल बाद दो जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। अकसर वह दोनों को साथ लेकर जाती थी, लेकिन शाहदरा आते समय वह एक रुकैय्या को घर छोड़ आई और दूसरी बेटी सुमैय्या को साथ ले आई। परिजनों का कहना है कि अगर रुकैय्या साथ होती तो उसके साथ भी कोई अप्रिय घटना हो सकती थी।
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- फोटो : अमर उजाला
घायल नूर मोहम्मद ने आर्मी के ट्रक का नंबर नोट कर लिया था। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ट्रक कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई की जा रही है।
- लक्ष्मण वर्मा, एसएचओ नगर कोतवाली
- लक्ष्मण वर्मा, एसएचओ नगर कोतवाली