26 जनवरी 2020 को भारत में 71वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस की तारीख नजदीक आने के साथ ही इसकी तैयारियां भी जोर-शोर से हो रही हैं। एक तरफ झांकियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी राज्य अपनी-अपनी तैयारियां कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर परेड में शामिल होने वाले कैडेट्स ने भी कमर कस ली है। शनिवार को इनके अभ्यास परेड और तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल पहुंचे।
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गणतंत्र दिवस परेड के अभ्यास में पहुंचे केजरीवाल
- फोटो : पीटीआई
राजधानी दिल्ली में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बावजूद देशभर से राजपथ पर परेड के लिए चयनित होकर आए कैडेट्स कड़ी मेहनत में लगे हुए हैं। गणतंत्र दिवस के करीब एक महीने पहले से चयनित कैडेटों को दिल्ली कैंप में प्रैक्टिस के लिए बुलाया जाता है। यहां आने के बाद भी कैडेटों को एक राउंड की चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
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गणतंत्र दिवस परेड का अभ्यास करते वायु सेना के जवान
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इसके बाद चयनित कैडेट लगातार एक महीने तक परेड का अभ्यास करते हैं। उन्हें यूनिफॉर्म के साथ पूरी योजना के अनुसार परेड कराया जाता है। दिल्ली में इन दिनों कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच भी यह कैडेट अभ्यास करते हैं। इसके बाद गणतंत्र दिवस के एक या दो दिन पहले सभी को निर्धारित रूट से राजपथ पर अभ्यास परेड कराया जाता है।
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गणतंत्र दिवस परेड का अभ्यास करते सीआरपीफ के जवान
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मालूम हो कि रक्षा मंत्रालय ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले राज्यों की झांकियों का चुनाव कर लिया है। इसमें मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां शामिल हैं। चुनी हुई झांकियां राजपथ पर दिखाई देंगी। इस बार देशावासियों को पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की झांकी देखने को नहीं मिलेगी। दरअसल, केंद्र सरकार ने इन दोनों राज्यों की झांकियों के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
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गणतंत्र दिवस परेड का अभ्यास करते वायुसेना के जवान
- फोटो : पीटीआई
इस बार गणतंत्र दिवस पर ब्राजील के राष्ट्रपति जेअर बोल्सोनारो मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। पीएम मोदी ने बोल्सोनारो को ब्राजील में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान आमंत्रित किया था। गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि का पद प्रोटोकॉल के अनुसार भारत का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।