हर बार की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के लिए विदेशी गणमान्य मुख्य अतिथि होंगे। इस बार दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि हैं। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस समारोह के लिए निमंत्रण अस्वीकार करने के बाद भारत ने राष्ट्रपति रामफोसा को मुख्य अतिथि बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी व्यस्तताओं के कारण परेड में मुख्य अतिथि बनने से इनकार कर दिया था।
26 जनवरीः ट्रंप के इनकार के बाद अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा बने मुख्य अतिथि, पीएम मोदी संग की वार्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामफोसा आज ही पत्नी के साथ भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए हैं और पीएम मोदी के साथ उन्होंने वार्ता भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत यात्रा पर आए दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने शुक्रवार को रक्षा, सुरक्षा, कारोबार, निवेश, शिक्षा, विज्ञान तथा बहुस्तरीय मंचों पर आपसी सहयोग बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा की, साथ ही दोनों देशों ने तीन वर्षीय सामरिक कार्यक्रम पर मुहर लगाई। प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा से बातचीत के बाद कहा, ‘‘ हमने हमारे द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की। हम दोनों इन संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ दोनों पक्षों के बीच वार्ता में भारत एवं दक्षिण अफ्रीका ने तीन वर्षीय सामरिक कार्यक्रम पर मुहर लगाई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि दोनों नेताओं ने रक्षा एवं सुरक्षा, निवेश एवं कारोबार, कौशल विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, तकनीकी सहयोग एवं बहुस्तरीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा की । प्रधानमंत्री ने अपने प्रेस बयान में कहा, ‘‘ हमारे लिए बहुत हर्ष का विषय है कि भारत के अभिन्न मित्र, राष्ट्रपति रामफोसा आज हमारे बीच मौजूद हैं। उनके लिए भारत नया नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है। और उनकी यह भारत यात्रा हमारे संबंधों के एक विशेष मुकाम पर हो रही है।’’ दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा ने कहा कि उनका देश तीन वर्षीय सामरिक आदान प्रदान कार्यक्रम के जरिये भारत के साथ अपने गठजोड़ को परिणामोन्मुखी बनाने को आशान्वित है ।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ हम दोनों इन संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। और इसलिए, आज कुछ ही देर में हम दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे।’’ मोदी ने कहा कि विश्व का मानचित्र देखें तो यह स्पष्ट है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका, दोनों ही हिन्द महासागर में बहुत महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित हैं। दोनों विविधताओं से परिपूर्ण लोकतांत्रिक देश हैं। उन्होंने कहा कि रामफोसा महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला की विरासत के उत्तराधिकारी हैं। और इसलिए, हम दोनों का व्यापक वैश्विक नजरिया एक दूसरे से काफी मेल रखता है। ब्रिक्स, जी-20, इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन, ईब्सा, जैसे अनेक मंचों पर हमारा आपसी सहयोग और समन्वय बहुत मजबूत है।