झमाझम बारिश ने गर्मी से छुटकारा तो दिलाया, लेकिन आफत भी कम नहीं आई। जिधर देखो उधर जलभराव ही दिखा और वाहनों की लंबी कतारों ने प्राधिकरण की व्यवस्था की पोल खोल दी। देर रात शुरू हुई बारिश शनिवार दोपहर तक बाद ही थमी। वीकेंड होने के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव कम था तो यह हाल दिखा, अगर अन्य दिन इतनी बारिश होती तो क्या हाल होता।
{"_id":"578b2daf4f1c1b9232c4b4d2","slug":"rain-effected-life-badly-in-delhi-ncr","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बारिश के कहर ने कहीं पलटी कार तो कहीं बह गई पूरी सड़क ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश के कहर ने कहीं पलटी कार तो कहीं बह गई पूरी सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 17 Jul 2016 08:39 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगह-जगह फंसा ट्रैफिक : सुबह से दिनभर हुई बारिश ने ट्रैफिक व्यवस्था को धवस्त कर दिया। अलग-अलग सेक्टरों व मुख्य मार्गों पर वाहन जाम में फंसे रहे। कई जगह ट्रैफिक सिग्नल फेल हो गए। सेक्टर-63, 93, बरौला, डीएनडी, महामाया फ्लाईओवर सहित करीब दो दर्जन स्थानों पर जलभराव से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती दिखी। सेक्टर-12-22 और चौड़ा मोड़ पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। चौराहा पूरी तरह से ब्लॉक हो गया। कुछ स्थानों डीटीसी की लो फ्लोर बसों में पानी घुसने लगा। वहीं, लिंक रोड से डीएनडी की ओर मुड़ने वाले रास्ते पर जलभराव से वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी तरह से नोएडा से दिल्ली जाने के क्रम में दलित प्रेरणा स्थल पर भीषण जाम देखने को मिला। यहां ग्रेटर नोएडा से आने वाले वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई दिखी। इसके अलावा फिल्म सिटी से अट्टा की ओर जाने वाली सड़क पर पुलिया संकरी होने से जाम के हालात बन गए। इसके अलावा शहर के दर्जनों प्वाइंट पर ट्रैफिक सिग्नल के खराब हो गए।
घरों व गलियों में भरा पानी, दीवार गिरी : घरों में सीवर तक का पानी चला गया। सेक्टर-11, 12, 31, 22, 30 समेत कई सेक्टरों में पानी भर गया। लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। सेक्टर-93 की रोड नाले में तब्दील हो गई थी। वहीं, सेक्टर-19 में 4 करोड़ की लागत से संपवेल बनाया गया है। शनिवार को इसका ट्रायल किया गया। सुबह 5 बजे से ही इसका ट्रायल शुरू हो गया था। संपवेल सेक्टर में भरने वाली पानी को निकालकर बाहर शाहदरा ड्रेन में फेंकता है। काफी हद तक ये सफल रहा। हालांकि, सेक्टर के बी-ब्लॉक में पानी भर गया था। सेक्टर-93 स्थित एक्सप्रेस व्यू अपार्टमेंट के बाहर की दीवार गिर गई। दीवार से सटा बिजली का पोल भी टेढ़ा हो गया। जिससे शाम तक बिजली प्रभावित रही। कई पेड़ भी गिर गए। सोसायटी के महासचिव गजेंद्र कुमार ने बताया कि अपार्टमेंट के दीवार के बाहर ही नाली भी बनी हुई है। सुबह 7:30 बजे ये आठ फीट ऊंची दीवार गिर गई। वहीं, सेक्टर-77 में प्रतीक विस्टिरिया में रहने वाले अमित गुप्ता ने बताया कि बारिश में सोसायटी में सीमेेंट गिरने लगा है। सेक्टर-93बी स्थित ग्रांड ओमेक्स सोसायटी में नालियों की साफ-सफाई न होने से बेसमेंट में सीवर का पानी घुस गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश में मटमैला हुआ सप्लाई का पानी : फोनरवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रिटायर बिग्रेडियर अशोक हक ने बताया कि जब भी बारिश आती है तो पानी मटमैला आने लगता है। अगर आरओ घर में न लगा हो तो पानी पी ही नहीं पाएंगे। इस समय इतने गंदे पानी की पानी सप्लाई हो रही है कि बर्तन तक नहीं धो सकते हैं। सेक्टर जब बसा था तभी पानी की पाइप लाइन बिछाई गई थी। बारिश का पानी इनमें घुस जाता है। जिस वजह से पानी गंदा आता है। सेक्टर-19 में भी गंदे पानी की सप्लाई हो रही है।
विज्ञापन
अस्पतालों में बढ़े वायरल के मरीज : मौसम बदलने के साथ ही वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। अस्पतालों की ओपीडी में 50 प्रतिशत से ज्यादा वायरल मरीज आ रहे हैं। ईएसआई अस्पताल में लगभग बेड फुल चल रहे हैं। बच्चों के वॉर्ड में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी की बात करें तो मरीज को लाइन लगाकर नंबर का इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि इमरजेंसी में मरीज को तुरंत इलाज मिलता है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सिर्फ फिजिशियन के पास ही 500 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें से सबसे अधिक मरीज वायरल के हैं। प्राइवेट अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ट फिजिशियन डॉ. संतराम ने बताया कि अस्पताल में मलेरिया, वायरल और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बारिश में मच्छर ज्यादा पनपते हैं इसलिए लोगों को मच्छरों से बचकर रहना है। हो सके तो पूरी बाजू के कपड़े पहनें। इससे मच्छर काट नहीं पाएंगे। खाने पीने में साफ-सफाई का ध्यान रखें और स्वच्छ पानी पीएं। बाहर खुले में मिलने वाला खाना खाने से बचें।