नेहरू-गांधी की युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रियंका गांधी का आज 47वां जन्मदिन है। भले ही वह राजनीति से खुद को दूर रखती हैं और अपने राजनीतिक प्रवेश के बारे में कुछ नहीं कहतीं लेकिन कांग्रेस का एक बड़ा वर्ग है जो चाहता है कि वह राजनीति में आएं। उनका मानना है कि प्रियंका अगर पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगी तो शायद पार्टी को राहुल से ज्यादा सफलता मिलेगी और कांग्रेस अपना पुराना गौरव फिर से हासिल कर सकेगी। शायद आप नहीं जानते होंगे प्रियंका को भईयाजी कहकर भी पुकारा जाता है। क्या है इसकी वजह और उनके बारे में कई ऐसी दिलचस्प बाते हैं जो बहुत कम लोगों को पता हैं। पढ़ें इस स्टोरी में वही खास बातें....
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priyanka gandhi
- फोटो : social media
बचपन में राजीव और सोनिया के साथ अमेठी जाने पर प्रियंका गांधी के बाल हमेशा से छोटे रहते थे और गांव में ज्यादातर लोग राहुल की तरह उन्हें भी भइया बुलाने लगे जो बाद में बदल कर भइयाजी हो गया। गांधी परिवार का दर्जा अमेठी रायबरेली में किसी मिथक से कम नहीं। लोग सालों बाद भी उस पल के बारे में बताना नहीं भूलते जो उन्होंने गांधी परिवार के सदस्योम के साथ साझा किये थे।
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सब अपनी बातें ऐसे बताते हैं जैसे उनके घर या मुहल्ले का कोई सदस्य हो। जैसे प्रियंका का रूटीन, उनका खानपान और उनका लोक व्यवहार भी। रायबरेली से चंद किलोमीटर दूर भुएमऊ गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी का दिन सुबह छह बजे ट्रेडमिल पर थोड़ी मशक्कत और फिर ज्यादा समय के लिए योग से शुरू होता है। पोहे, ब्रेड या कॉर्नफ्लेक्स के नाश्ते के बाद 'भइयाजी' यानी प्रियंका लोगों से मिलना शुरू करती हैं और उनके लंच का समय तय नहीं रहता। भाई राहुल गांधी से थोड़ा अलग।
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रोटी या परांठे के साथ सब्ज़ी और दाल लेकिन साथ में आम/नींबू का अचार तो रहना ही चाहिए। उन्हें और पति रॉबर्ट वाड्रा को मुग़लई खाना बेहद पसंद है। वर्ष 2004 में रायबरेली चुनाव प्रचार प्रियंका की निगरानी में जारी था। उन्होंने परिवार के एक पुराने करीबी जो अमेठी में थे उनसे फोन पर कुछ फरमाइशें कीं जिनमें गलावटी कबाब, बिरयानी और कोरमा शामिल था।
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- फोटो : अमर उजाला
चंद घंटों बाद खाना पैक होकर गेस्ट हाउस पहुंचा जहां प्रियंका और रॉबर्ट ने खाने के बाद बचा हुआ खाना अपनी शाम वाली दिल्ली की फ्लाइट के लिए रख भी लिया। वैसे मलाई-चाप और सफेद रसगुल्लों का भी शौक रखने वाली प्रियंका रात को सोने से पहले भुएमऊ या मुंशीगंज गेस्ट हाऊस के कई चक्कर लगाना नहीं भूलतीं। अब उनके बच्चे भी गाहे बगाहे यहां दिखाई दे जाते हैं। दिल्ली में प्रियंका गांधी ने अपने परिवार को मीडिया की नज़र से काफ़ी हद तक बचा कर रखा है। पर यहां ऐसा नहीं है।