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यूपीएससी में एक साथ सफल हुए भाई-बहन, खुशी से झूमा परिवार

Sun, 05 Jul 2015 09:26 AM IST
विनोद डबास/अमर उजाला, नई दिल्ली
विनोद डबास/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 05 Jul 2015 09:26 AM IST
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यूपीएससी में एक साथ सफल हुए भाई-बहन, खुशी से झूमा परिवार

Pics: siblings made history together, happily Juma family

संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा के आए नतीजे में सगे भाई-बहन एक साथ बाजी मारने में सफल रहे। भाई ने पहले ही प्रयास में देश की सबसे बड़ी परीक्षा पास की, जबकि बहन तीन प्रयास में असफल रहने के बाद चौथे प्रयास में पास हुई।



यूपीएससी में एक साथ सफल हुए भाई-बहन, खुशी से झूमा परिवार

Pics: siblings made history together, happily Juma family

दरअसल, इस परीक्षा का परिणाम उनके घर दोहरी खुशी लेकर आया। परीक्षा में उनके दोनों बच्चे बाजी मारने में सफल रहे। यह खबर पूरे इलाके और उनके सगे संबंधियों के बीच कुछ ही पल में पहुंच गई। इसके चलते पूर्वी दिल्ली स्थित ओल्ड गोविंदपुरा स्थित उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया।

यूपीएससी में एक साथ सफल हुए भाई-बहन, खुशी से झूमा परिवार

Pics: siblings made history together, happily Juma family

बेटे रोहित यादव ने प्रथम प्रयास में ही सफलता हासिल की, जबकि उनकी बेटी अंजलि यादव ने चौथे प्रयास में परीक्षा पास की। हालांकि रैंक के मामले में बहन ने भाई से बाजी मारी। अंजलि का 443 और रोहित का 780 रैंक है।

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यूपीएससी में एक साथ सफल हुए भाई-बहन, खुशी से झूमा परिवार

Pics: siblings made history together, happily Juma family

एमबीए कर चुके रोहित ने कहा कि वह अपना रैंक सुधारने के लिए अगले वर्ष एक बार फिर परीक्षा देंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में करीब छह माह से सहायक श्रम आयुक्त पद पर कार्यरत अंजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने भाई रोहित को दे रही है। उनको लगता है कि उनके पास होने के पीछे उनके भाई का बहुत बड़ा हाथ है।

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यूपीएससी में एक साथ सफल हुए भाई-बहन, खुशी से झूमा परिवार

Pics: siblings made history together, happily Juma family

वह पहले तीन प्रयास में असफल रही थी। लेकिन इस बार भाई के साथ परीक्षा देने में उनको कामयाबी मिल गई। इससे पहले वह करीब तीन वर्ष तक नगर निगम में श्रम कल्याण अधीक्षक के पद कार्यरत रही थी। नतीजे घोषित होते ही केंद्रीय गृह मंत्रालय में कार्यरत विभागीय अधिकारी एनके यादव के घर में खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

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