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PHOTOS: यहां पैसे देकर फ्रीजर में शव रखवा रहे हैं परिजन

Sun, 07 Jun 2015 10:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 07 Jun 2015 10:33 AM IST
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PHOTOS: यहां पैसे देकर फ्रीजर में शव रखवा रहे हैं परिजन

PHOTOS: bodies loaded in freezerare with money.
प्रशासन के मुताबिक हाईकोर्ट ने शासन को हर जिले में मॉडर्न पोस्टमार्टम हाउस बनाने का आदेश दिया था। नोएडा में इसके लिए प्राधिकरण जमीन नहीं दे रहा है।

PHOTOS: यहां पैसे देकर फ्रीजर में शव रखवा रहे हैं परिजन

PHOTOS: bodies loaded in freezerare with money.

कानूनन लावारिस शवों को पोस्टमार्टम के बाद पोस्टमार्टम हाउस में 72 घंटे तक रखना पड़ता है। इसकी वजह इस अवधि में यह कोशिश रहती है कि शव की पहचान हो सके। पीएम हाउस में लावारिस शवों को रखने के लिए अलग कमरा है लेकिन शव को खराब होने से बचाने के लिए न तो वहां फ्रीजर ठीक है और न ही एसी दुरुस्त। ऐसे में शव खराब हो जाते हैं और पोस्टमार्टम हाउस दुर्गंध से भरा रहता है।

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खराब शवों का पोस्टमार्टम करना भी मुश्किल होता है। सामान्य पोस्टमार्टम दोपहर 2 बजे से शुरू होते हैं। मृत्यु यदि रात में हुई है तो उसका पोस्टमार्टम अगले दिन 2 बजे होगा। पीएस हाउस के सरकारी फ्रीजर खराब होने के कारण परिजनों को प्राइवेट फ्रीजर की व्यवस्था करनी पड़ती है। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर शव वाहनों के नंबरों पर फोन करने पर प्राइवेट फ्रीजर मिल जाते हैं।

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जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक 2013 में नया शासनादेश लागू होने से अब तक प्रत्येक डॉक्टर ने कितने पोस्टमार्टम किए हैं, इसकी एक सूची तैयार की जा रही है। पोस्टमार्टम में शामिल फार्मासिस्ट और स्वीपर की भी सूची बनाई जा रही है। इन्हें शासनादेश लागू होने से अब तक का पोस्टमार्टम भत्ता एक साथ दिया जाएगा।

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डॉक्टरों, फार्मासिस्ट और स्वीपर का पोस्टमार्टम भत्ता बढ़ा दिया गया है। यह शासनादेश मार्च 2013 से लागू हुआ है। मेडिको लीगल मामलों में पोस्टमार्टम में डॉक्टरों का प्रति पोस्टमार्टम भत्ता 10 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। 10 रुपये भत्ता 1986 से चला आ रहा था। फार्मासिस्ट और स्वीपर का पोस्टमार्टम भत्ता बढ़ाया गया है।

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