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फैक्टरी में 3 मौत का मामलाः पिता से मिलने करावल नगर आया था प्रवीण, पत्नी बोली- मौत खींच लाई थी

Tue, 18 Sep 2018 09:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 18 Sep 2018 09:42 AM IST
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pickle factory three death case: it was death who brought praveen to karawal nagar
factory death

गाजियाबाद की ट्रॉनिका सिटी के दौलत नगर कालोनी में रविवार सुबह जहरीली गैस की चपेट में आकर पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत के मामले में करावल नगर स्थित लवकुश जायसवाल के मकान पर सोमवार को मातम का माहौल था। लवकुश की पत्नी चंपा देवी (60) बार-बार गश खाकर गिर रही थीं। यही हाल प्रवीण की पत्नी पूजा का था। वह रोते-रोते बस यही रट लगा रही थी कि शायद प्रवीण की मौत ही उसे करावल नगर लेकर आई थी।

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factory death

दरअसल, पूजा रोहिणी की एक सरकारी स्कूल में शिक्षक है। इसलिए प्रवीण परिवार के साथ रोहिणी में ही रहता था। वह परिवार को लेकर शनिवार शाम ही माता-पिता के पास आया था। यहां से वह पिता के साथ ट्रॉनिका सिटी चला गया और हादसे का शिकार हो गया।

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factory death - फोटो : अमर उजाला
अंकुर एंक्लेव व प्रकाश विहार आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राम निवास यादव ने बताया कि करीब 18 साल से लवकुश जायसवाल परिवार के साथ बी-22 प्रकाश विहार में रहते थे। परिवार में पत्नी चंपा देवी, दो बेटे प्रदीप (40) और प्रवीण (35) थे। प्रदीप के दो बच्चे हैं। लेकिन काफी समय से वह मानसिक रूप से बीमार चल रहा है।
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वहीं, प्रवीण अपनी कैब चलाता था। उसके दो बेटे दुग्गू (7) और नन्चू (5) हैं। लवकुश शुरुआत में तो वह घर पर ही अचार बनाते थे, लेकिन बाद में जगह कम होने के कारण उन्होंने अपनी फैक्टरी दौलत नगर कॉलोनी में शिफ्ट कर ली थी। 

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उधर, शनिवार को फैक्टरी में शिकायत मिलने के बाद प्रवीण कार लेकर माता-पिता के साथ अचार फैक्टरी आ गया था। फैक्टरी में बने टैंक को देखने के लिए लवकुश टैंक में उतरे तो वापस नहीं लौटे। बेटा प्रवीण पिता को देखने उतारा तो वह भी वापस नहीं लौटा।

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