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Delhi NCR News: बवाना के डबल-डेक स्टेशन को एनएचएआई की हरी झंडी का इंतजार
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-185 मीटर का एलिवेटेड रोड स्टेशन की लंपसम लागत में शामिल
मंजूरी नहीं मिली तो डबल-डेक की जगह सामान्य स्टेशन बनेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-3,4 में एक अनूठा दिल्ली मेट्रो स्टेशन बनाने की योजना है। यहां सड़क यातायात नीचे और मेट्रो उसके ऊपर एक एकीकृत डबल-डेक ढांचे में चलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को एनएचएआई की मंजूरी का इंतजार है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की योजना के तहत, 185 मीटर लंबे एलिवेटेड रोड ढांचे को स्टेशन की कुल लागत में शामिल किया गया है। यह डबल-डेक संरचना रिठाला-कुंडली कॉरिडोर के पैकेज का हिस्सा है। यह कॉरिडोर करीब 11.29 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें दस एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे। इस एकीकृत डिजाइन से बवाना जैसे भीड़भाड़ वाले औद्योगिक क्षेत्र में जगह बचाने में मदद मिलेगी।
डीएमआरसी के दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि यदि एनएचएआई से मंजूरी नहीं मिलती है, तो यहां एक सामान्य मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। ऐसी स्थिति में, मौजूदा कुल लागत मद में बदलाव होगा और मुख्य स्टेशन ढांचे के साथ फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
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परियोजना का विवरण
रिठाला-कुंडली कॉरिडोर पैकेज में बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-3,4 स्टेशन को डबल-डेक संरचना के रूप में प्रस्तावित किया गया है। इस पैकेज में यूईआर-दो से बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-1,2 तक करीब 11.29 किलोमीटर एलिवेटेड निर्माण शामिल है। इसमें रोहिणी सेक्टर-25, 26, 28 से 31 व 35, बरवाला, रोहिणी सेक्टर-34 और बवाना इंडस्ट्रियल एरिया के दो स्टेशनों सहित कुल दस स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना को डिजाइन से लेकर निर्माण और परीक्षण तक 36 महीने में पूरा करना होगा।
मार्ग और जमीन की जांच
रिठाला-बवाना-नरेला मेट्रो मार्ग के लिए जमीन की जांच पहले 2017 में की गई थी। बदले हुए मार्ग के लिए दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच दोबारा जांच की गई। इस दौरान बीस जगहों पर चालीस मीटर तक गहराई में मिट्टी की जांच की गई। जांच में जमीन के नीचे पानी की स्थिति और भूकंप के दौरान जमीन के कमजोर पड़ने की आशंका भी जांची गई। अलग-अलग जगहों पर छह से चौदह मीटर की गहराई पर पानी मिला।
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मंजूरी नहीं मिली तो डबल-डेक की जगह सामान्य स्टेशन बनेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-3,4 में एक अनूठा दिल्ली मेट्रो स्टेशन बनाने की योजना है। यहां सड़क यातायात नीचे और मेट्रो उसके ऊपर एक एकीकृत डबल-डेक ढांचे में चलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को एनएचएआई की मंजूरी का इंतजार है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की योजना के तहत, 185 मीटर लंबे एलिवेटेड रोड ढांचे को स्टेशन की कुल लागत में शामिल किया गया है। यह डबल-डेक संरचना रिठाला-कुंडली कॉरिडोर के पैकेज का हिस्सा है। यह कॉरिडोर करीब 11.29 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें दस एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे। इस एकीकृत डिजाइन से बवाना जैसे भीड़भाड़ वाले औद्योगिक क्षेत्र में जगह बचाने में मदद मिलेगी।
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डीएमआरसी के दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि यदि एनएचएआई से मंजूरी नहीं मिलती है, तो यहां एक सामान्य मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। ऐसी स्थिति में, मौजूदा कुल लागत मद में बदलाव होगा और मुख्य स्टेशन ढांचे के साथ फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
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परियोजना का विवरण
रिठाला-कुंडली कॉरिडोर पैकेज में बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-3,4 स्टेशन को डबल-डेक संरचना के रूप में प्रस्तावित किया गया है। इस पैकेज में यूईआर-दो से बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-1,2 तक करीब 11.29 किलोमीटर एलिवेटेड निर्माण शामिल है। इसमें रोहिणी सेक्टर-25, 26, 28 से 31 व 35, बरवाला, रोहिणी सेक्टर-34 और बवाना इंडस्ट्रियल एरिया के दो स्टेशनों सहित कुल दस स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना को डिजाइन से लेकर निर्माण और परीक्षण तक 36 महीने में पूरा करना होगा।
मार्ग और जमीन की जांच
रिठाला-बवाना-नरेला मेट्रो मार्ग के लिए जमीन की जांच पहले 2017 में की गई थी। बदले हुए मार्ग के लिए दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच दोबारा जांच की गई। इस दौरान बीस जगहों पर चालीस मीटर तक गहराई में मिट्टी की जांच की गई। जांच में जमीन के नीचे पानी की स्थिति और भूकंप के दौरान जमीन के कमजोर पड़ने की आशंका भी जांची गई। अलग-अलग जगहों पर छह से चौदह मीटर की गहराई पर पानी मिला।