पीरागढ़ी स्थित बैटरी की फैक्टरी में आग लगी पर काबू पाने के बाद कूलिंग के दौरान हुए धमाके से पूरी इमारत तीन अलग-अलग हिस्सों में ढही। सबसे पहले इमारत का बीच का हिस्सा गिरा। इसके बाद अन्य फायर स्टोशनों से दमकल यूनिटों को बुलाकर बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन....
आगे जानिए पूरी घटना विस्तार से...
दरअसल, बचाव कार्य के दौरान दो हिस्से और भरभराकर गिर गए। इससे बचाव में जुटे अन्य दमकलकर्मी भी मलबे की चपेट में आ गए। शुरुआती जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। फैक्टरी में सबसे पहले भूतल में आग लगी थी। आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। इसके बाद केमिकल की वजह से धमाका होने की आशंका है। भूतल में बैटरी भंडारण की जगह थी। पुलिस ने यहां से एसिड और केमिकल बरामद किया है।
पुलिस ने लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफएसएल की टीम ने मौके का मुआयना किया है। रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। दमकल अधिकारी व रेस्क्यू टीम में मौजूद चीफ फायर अधिकारी धर्मपाल भारद्वाज ने बताया कि आग भूतल स्थित स्टोर रूम में लगी थी। दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची, जिनमें 15 दमकलकर्मी मौजूद थे। दमकल कर्मियों ने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया, लेकिन कुलिंग के दौरान धमाके के साथ इमारत के बीच का हिस्सा भरभराकर गिर गया।
मलबे में तीन फायरकर्मियों समेत चार लोग दब गए, जबकि अन्य लोगों को मामूली चोटें आई। सूचना मिलते ही फायर निदेशक अतुल गर्ग सहित अन्य फायर स्टेशनों से बड़ी संख्या में दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए, लेकिन इमारत का हिस्सा गिरने से पिलरों में दरार आने लगी। बावजूद फायरकर्मी जान हथेली पर रखकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे रहे। इसी दौरान इमारत का पिछला हिस्सा पूरी तरह बैठ गया। साथ ही सामने का एक हिस्सा भी ढह गया। फायरकर्मियों ने मलबे में फंसे फायरमैन महावीर, फायर अफसर मंजीत और फैक्टरी के कर्मचारी विजेंद्र कश्यप को बाहर निकालकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि अमित बालियान को मलबे से निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
बैटरी बनाने का भी होता था काम
दमकल अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह का धमाका हुआ है इससे जाहिर है कि यहां भारी मात्रा में केमिकल रखा था। बैटरी के निर्माण में एसिड के अलावा अन्य तरह के केमिकल का इस्तेमाल होता है। इससे आशंका है कि आग के संपर्क में आकर केमिकल में विस्फोट हो गया। दमकल अधिकारियों के मुताबिक, फैक्टरी में बैटरी रखने और बेचने की व्यवस्था है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक गोदाम में बैटरी बनाने का काम भी होता था।