पेटीएम कंपनी के मालिक के साथ कथित ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का मामला अभी उलझता ही जा रहा है। इस मामले में कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट रहीं सोनिया धवन तो जेल चली गईं, लेकिन उनके परिजन यह मानने को कतई तैयार नहीं हैं कि सोनिया ने कोई डेटा लीक किया है।
पेटीएम मामलाः जब कंपनी को दो साल से था सोनिया पर शक तो क्यों दिया प्रमोशन, परिवार ने खोले कई राज
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परिजनों का आरोप है कि यह शेयर की लड़ाई है। इसमें उसे बलि का बकरा बनाया गया है। सोनिया की भाभी कंचन ने बताया कि सोनिया को प्रमोशन मिलने के बाद ही ये सब हुआ। यह प्रमोशन सोनिया को अप्रैल में मिलना था, लेकिन चार महीने की देरी से उसे यह पद दिया गया। कंचन कहती हैं कि सोनिया कंपनी से उस वक्त से जुड़ी हुई हैं, जब कंपनी छोटी थी। इसे बढ़ाने में सोनिया का बड़ा रोल है। इसके बाद ही यह आरोप लगा और आरोप लगाने वाला अब तक गायब है।
आशंका के बाद प्रमोशन क्यों
कंचन का कहना है कि पुलिस एक तरफ यह बता रही है कि पिछले दो साल से सोनिया इस तरह की मुहिम में लिप्त थी, तो कंपनी ने पहले क्यों नहीं कार्रवाई की। फिर आशंका के बीच कंपनी ने सोनिया को प्रमोशन क्यों दिया। परिजनों का कहना है कि कंपनी व पुलिस मिलकर साजिश रच रही है।
सोनिया के परिजनों की तरफ से जब राहुल अदाना नामक शख्स के बारे में पूछा गया, तो पुलिस ने चुप्पी साध ली। परिजनों का आरोप है कि डेटा लीक करने के मामले में राहुल की भी भूमिका बताई जा रही है, तो पुलिस ने उसके खिलाफ क्यों नहीं एफआईआर दर्ज की।
वादी पक्ष के बयान नहीं हुए दर्ज
इस मामले में अब तक वादी पक्ष के बयान दर्ज नहीं हुए। पुलिस के मुताबिक, पेटीएम कंपनी के मालिक के भाई अजय से पुलिस के संपर्क नहीं हो सके हैं। इस मामले में अजय ही वादी है। एसएचओ मनोज पंत ने बताया कि जल्द ही वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे।