उत्तर प्रदेश में एक साल पहले विधानसभा चुनाव में जिस तरह से भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की उसने लोगों में एक नया विश्वास पैदा कर दिया। उसके बाद बड़े ही नाटकीय ढंग से जिस तरह योगी आदित्यनाथ को सीएम पद की कमान सौंपी गई और फिर एक के बाद एक उन्होंने जिस तरह से बड़े-बड़े फैसले लिए लोगों को लगने लगा कि यूपी के अच्छे दिन आने वाले हैं। हालांकि सरकार बनने के कुछ ही महीनों में योगी सरकार की कई योजनाओं की हवा निकल गई। ऐसी ही पांच योजनाएं इस प्रकार हैं-
1 साल योगी सरकारः वो 5 अभियान जो बहुत तेजी से शुरू हुए पर कुछ महीनों में ही निकली हवा
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1-एंटी रोमियो- योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही जिन योजनाओं की चर्चा और दहशत सबसे ज्यादा रही वो थी एंटी रोमियो अभियान। सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने बेटियों को मनचलों से बचाने और उन्हें सुरक्षित महसूस करवाने के लिए ये योजना शुरू की थी। लेकिन शुरू होते ही सरकार का ये अभियान सवालों के घेरे में तब आ गया जब रोमियो पकड़ने के नाम पर सरकार मोरल पुलिसिंग करने लगी और छेड़छाड़ करने वालों के साथ ही निर्दोष लोगों को भी पकड़ने लगी। बाद में इस विषय में नोटिफिकेशन जारी हुए और कुछ महीने बाद तो एंटी रोमियो अभियान हवा ही निकल गई। प्रदेश में आए दिन रेप, छेड़छाड़ व महिलाओं के साथ अन्य तरह के अपराध जिस तरह बढ़ रहे हैं उससे सरकार के इस अभियान की सच्चाई पता लगाई जा सकती है।
2- गड्ढा मुक्त सड़कें- योगी सरकार ने यूपी की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए तो डेडलाइन तक रखी थी। लेकिन उस डेडलाइन से पहले ही सरकार ने हथियार डाल दिए और कहा कि हमारे पास इतना फंड ही नहीं है कि हम तय समय पर सड़कों को गड्ढा मुक्त कर सकें। अब अगर आप नोएडा की सड़कों पर ही घूम लेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि कितनी बनी हैं सड़कें। (फोटोः लाल सिंह)
3- थानों में स्वच्छता अभियान- योगी सरकार ने कार्यभार संभालते ही सरकारी अधिकारियों को समय से दफ्तर आने और सरकारी दफ्तरों समेत थानों में हर शुक्रवार सफाई करने की भी योजना बनाई थी। इसके तहत खुद पुलिसवालों को हर शुक्रवार को थानों की सफाई करनी थी। शुरुआत में तो सब कुछ बड़े जोश में हुआ लेकिन धीरे-धीरे इस अभियान की भी हवा निकल गई।
4- बड़े अपराधियों का तो हुआ एनकाउंटर पर छोटों के बढ़े हौसले- यूपी में भाजपा की सरकार भले ही गुंडाराज खत्म करने की बात पर आई हो या शुरू से ही सीएम योगी कहते रहे हों कि गुंडों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है। लेकिन अपराधियों के हौसले अब भी बुलंद हैं। यही नहीं अक्टूबर 2017 में तो एक गुंडे ने सीएम की सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले तक को पीट दिया था। भले ही अब बड़े-बड़े अपराधी एनकाउंटर के डर से सरेंडर तक कर रहे हों लेकिन योगीराज में छोटे अपराधियों के हौसले बहुत बुलंद हैं। आए दिन चोरी, छिनैती जैसी वारदातें बढ़ती जा रही हैं। लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। कई बार तो घर से निकलते ही लोगों की चेन, पर्स, मोबाइल आदि छिन जाते हैं। उस पर भी पुलिस शिकायत दर्ज करने में आनाकानी करती है। (फोटोः लाल सिंह)