विधानसभा चुनाव की बिसात दिल्ली में बिछ गई है। सभी पार्टियां चुनावी तैयारी में जुटी हुई है। भाजपा में चुनाव के पहले ही मुख्यमंत्री बनने की होड़ मच गई है। हर भाजपा नेता के दिल में मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब उमड़ पड़ा है। केंद्र के नेताओं से लेकर प्रदेश स्तर के नेता भी दबी जुबान अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे है। केंद्रीय मंत्री से लेकर बड़े नेताओं के समर्थक मुहिम भी चला रहे हैं।
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सांसद एवं दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी
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केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्वांचल के चेहरे और सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली भाजपा की कमान दी है। ऐसे में लाजिमी है कि उनके समर्थक मनोज तिवारी को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार मान रह हैं। कच्ची कॉलोनियां ही नहीं पूरी दिल्ली में पूर्वांचलियों की तादाद सबसे अधिक है। चूंकि प्रदेश नेतृत्व की ही कमान में एमसीडी व लोकसभा चुनाव में भाजपा ने परचम लहराया। ऐसे में तिवारी समर्थक उनकी दावेदारी बताते हुए ही मैदान में उतर रहे हैं।
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हरदीप सिंह पुरी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं जब से केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों को पक्की कराने में कामयाबी हासिल की है उसके बाद इस मंत्रालय के करीबी समर्थक भी अपने नेता हरदीप पुरी को को दिल्ली के मुख्यमंत्री का चेहरा बता रहे हैं। हालांकि एक रैली में खुद पुरी ने नारा लगाते हुए मनोज तिवारी को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया था लेकिन बाद में उन्होंने अपना बयान बदल दिया था। इसको लेकर भी लोगों में सुगबुगाहट थी कि आखिर पुरी ने ऐसा क्यों कहा।
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
इसके अलावा भाजपा में कई ऐसे नेता भी जिनके समर्थक यह दावेदारी पेश कर मुहिम चला रहे है कि दिल्ली को बाहरी नहीं दिल्ली के नेता ही सत्ता चला सकते है। दिल्ली चुनावी जीत के लिए वैश्य, पंजाबी, सिख वर्ग के नेताओं को दरकिनार नहीं किया जा सकता। ऐसे समर्थक सबसे अधिक केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयक के हैं। मजे की बात तो यह भी है कि संगठन चलाने वाले संगठन महामंत्री सिद्धार्थन के समर्थक भी उनको मुख्यमंत्री का चेहरा बता रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के समर्थक भी यह कहते दिखते है कि
पिछले पांच साल में सत्ता का विरोध कर वे भी परिपक्व हो गए है। पूर्व मंख्यमंत्री साहेब सिंह वर्मा के बेटे और सांसद प्रवेश वर्मा के समर्थक भी उनकी सीएम पद की दावेदारी उनके पिता से जोड़ते हुए कर रहे हैं। जबकि पुराने नेताओं में शुमार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और दिल्ली की चांदनी चौक से सांसद डॉ. हर्षवर्धन के समर्थक भी उनकी दावेदारी सीएम पद के लिए करते रहते हैं।