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Noida Twin Tower Demolition: 101 डेसिबल का ट्विन टावर धमाका, सबसे ज्यादा यहां किया दर्ज, दूर तक सुनाई दी गूंज

Mon, 29 Aug 2022 10:52 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 29 Aug 2022 10:52 AM IST
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Noida Twin Tower Demolition 101 decibel twin tower explosion pollution control board monitored
ट्विन टावर - फोटो : अमर उजाला
सेक्टर 93ए स्थित सुपरटेक ट्विन टावर के धमाके से पैदा हुई आवाज 101 डेसिबल तक दर्ज की गई। जबकि धमाके से ठीक दस मिनट पहले यह 65 डेसिबल थी। हालांकि, यह तीव्रता ज्यादा देर तक नहीं टिकी। दस मिनट बाद दुबारा यह 65 डेसिबल रिकॉर्ड की गई। जबकि दिन और रात का मानक 55 व 45 है। एडिफिस के साथ इसकी निगरानी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी की। छह अलग-अलग स्थानों पर बोर्ड ने इसे रिकॉर्ड किया। इसमें सबसे ज्यादा गेझा गांव में 101 डेसिबल रहा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि एडिफिस ने पहले ही सुनिश्चित कर लिया था कि धमाका बहुत अधिक आवाज वाला नहीं होगा। जिस तरह भारी मात्रा में विस्फोटक लगाया गया था, उससे लोग उम्मीद कर रहे थे कि धमाका काफी तेज होगा। लेकिन यह 101 डेसिबल तक ही गया। हालांकि, इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी।
Noida Twin Tower Demolition 101 decibel twin tower explosion pollution control board monitored
ट्विन टावर - फोटो : अमर उजाला
किस डेसिबल पर बदल जाती है स्थिति
50 डेसिबल पर व्यक्ति को सुनने में कोई परेशानी नहीं होती। बातचीत इसी पैमाने पर होती है। जब यह 70 से 80 के बीच पहुंचती है तो दो मिनट से ज्यादा रूकना खतरनाक होता है। 90 से 110 के बीच में चिड़चिड़ापन होने लगता है। 120 डेसिबल तक असहनीय हो जाता है। जबकि 150 डेसिबल से ऊपर की आवाज बहरा बना सकती है।
Noida Twin Tower Demolition 101 decibel twin tower explosion pollution control board monitored
ट्विन टावर - फोटो : अमर उजाला
100 मीटर दूर ट्रिगर दबाकर किया धमाका
ट्विन टावर को गिराने के लिए विस्फोटक लगाकर तार जोड़े गए थे। दोनों टावरों से जोड़ने के बाद एक मुख्य तार निकाला गया, जो 100 मीटर दूर तक ले जाया गया। यहां पर इसे एक मशीन से जोड़ा गया, जो ब्लैक बॉक्स कहा जाता है। इस ब्लैक बॉक्स को घुमाने पर यह चार्ज हुआ और मशीन का लाल बटन जल गया। इसके बाद हरे बटन को दबाने के बाद ट्विन टावर में विस्फोट हो गया।
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Noida Twin Tower Demolition 101 decibel twin tower explosion pollution control board monitored
ट्विन टावर हुआ ध्वस्त - फोटो : अमर उजाला
धमाके से नहीं, इमारत गिरने से कंपन
टावर ध्वस्त करने वाली एडिफिस कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के लिहाज से नोएडा सेस्मिक जोन-5 में आता है। आमतौर पर यहां भूकंप की गति रिक्टर स्केल के पैमाने पर चार के आसपास रही है। मतलब 300 से 400 मिमी प्रति सेकंड का कंपन हुआ है। इस लिहाज से 25 मिमी का कंपन होने से इमारतें सुरक्षित हैं। ट्विन टावर के गिरने से इससे 12 से 16 गुना कम होने का अनुमान है। एडिफिस के पार्टनल जिगर छेदा ने बताया कि ट्विन टावर में धमाकों से नहीं, बल्कि उसके जमीन पर गिरने से कंपन की स्थिति पैदा हुई।
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ट्विन टावर का मलबा - फोटो : अमर उजाला
एक घंटे तक विस्फोटकों की जांच
ट्विन टावर गिरने के बाद सबसे बड़ी चुनौती जिंदा विस्फोटकों को तलाशने की थी। करीब आधे घंटे बाद एडिफिस और उसकी सहयोगी कंपनी जेट डिमोलिशन के एक्सपर्ट मलबे के ढ़ेर के पास पहुंचे। शाम चार बजे तक विस्फोटकों की तलाश के बाद सुरक्षित डिमोलिशन की जानकारी दी गई। हालांकि, निवासियों को पांच बजे के बाद ही अपने घर लौटने की अनुमति दी गई थी, लेकिन प्राधिकरण ने सफाई व्यवस्था के चलते रात 9 बजे से पहले सोसाइटी की एंट्री खोलने के इंकार कर दिया।
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