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पांच माह परिजनों को टरकाती रही पुलिस: प्रेमी के लिए प्रेमिका के भाई बने कसाई, मामा बना कंस से भी ज्यादा क्रूर

Tue, 07 Feb 2023 06:19 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 07 Feb 2023 06:19 PM IST
सार

26 जनवरी को पुलिस ने लोगों की सूचना पर चिपियाना गांव के तालाब में नरमुंड, शरीर के अन्य अंगों की हड्डियां, कपड़े, बेल्ट, चाबी आदि बरामद की। इस सबसे युवक की पहचान रंजीत के रूप में हुई। 

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Mystery of lover murder opened after eight months in Greater Noida
आठ माह बाद खुला रंजीत की हत्या का राज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के छतरपुर में हुए श्रद्धा मर्डर केस का राज जब छह माह बाद खुला था तो हर कोई हैरान था। अब ग्रेटर नोएडा पुलिस के एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जिसमें व्यक्ति की हत्या आठ माह पहले कर दी गई थी। पुलिस को भी इस हत्याकांड में कुछ हड्डियां बरामद हुई हैं। बस इन दोनों केसों में अंतर इतना है कि इस बार लड़की नहीं लड़के का कत्ल हुआ है। 

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पांच माह तक टरकाते रहे पुलिस वाले 
हालांकि अगर ग्रेटर नोएडा पुलिस पांच महीने पहले की मामले की तहकीकात करती तो शायद ये केस जल्दी सुलझ जाता। रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि भाई के लापता होने के बाद उन्हें थाने से लेकर चौकी के चक्कर लगाने पड़े। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के लिए पांच माह तक टरकाया। बिसरख कोतवाली पुलिस रंजीत की गुमशुदगी 24 नवंबर को दर्ज की। इसके बाद भी रंजीत का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था।

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भाई बने कसाई, मामा बना कंस से भी क्रूर
पुलिस के मुताबिक 13 जून 2022 को रंजीत शादी की बात करने के लिए अपनी प्रेमिका के घर पहुंचा। जहां लड़के के मामा रामबाबू ने रंजीत के हाथ, भाई मनीष ने पैर पकड़े और दूसरे भाई शुभम उर्फ शिवम दूबे ने उसका गला दबाकर हत्या की। रंजीत के साथ जब यह सब हो रहा था तब मौके पर उसकी प्रेमिका व लड़की की मां बीना यह सारा मंजर अपनी आंखों से देख रही थी। रंजीत की हत्या के बाद परिवार के लोगों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए फैसला किया कि इसे तालाब में फेंक देना चाहिए। इसके बाद शुभम और मनीष बाइक के बीच में रंजीत का शव बैठाने की अवस्था में रखकर चिपियाना लेकर गए। जहां रंजीत के शव को तालाब में फेंक दिया।

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एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती गईं
पुलिस को बिसरख थाना क्षेत्र के चिपयाना गांव के तालाब से एक कंकाल मिला था। जिसकी जांच करते हुए पुलिस एक के बाद एक कड़ियां जोड़ती चली गई और हत्यारों तक पहुंच गई। एडीसीपी सेंट्रल नोएडा विशाल पांडे ने बताया कि मूलरूप से हरदोई निवासी रंजीत हैबतपुर गांव में रहता था। वह ग्रेनो वेस्ट में लोगों के कपड़े प्रेस करता था। इस बीच रंजीत को लड़की का नंबर एक सोसायटी की लिफ्ट में लिखा मिला था। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और सिलसिला प्रेम प्रसंग तक जा पहुंचा। लेकिन लड़की के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। इससे गुस्साए रंजीत ने कुछ अश्लील फोटो और वीडियो उसके भाई को भेज दिए। इसके बाद ही रंजीत की हत्या की साजिश परिवार ने मिलकर रची। 

युवती और माता-पिता समेत पांच गिरफ्तार
26 जनवरी को पुलिस ने लोगों की सूचना पर चिपियाना गांव के तालाब में नरमुंड, शरीर के अन्य अंगों की हड्डियां, कपड़े, बेल्ट, चाबी आदि बरामद की। इस सबसे युवक की पहचान रंजीत के रूप में हुई। पुलिस ने फोन कॉल के आधार पर इस मामले में गाजियाबाद के बम्हेटा गांव निवासी रंजीत की प्रेमिका और उसके चार परिजन से पूछताछ की और अपराध स्वीकार करने पर उनको गिरफ्तार कर लिया। 

लड़की के घर वालों ने हत्या से एक महीने पहले की थी रंजीत की पिटाई
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रंजीत द्वारा उनकी बेटी का वीडियो बनाने व वायरल करने की धमकी देने पर उसकी हत्या की। वारदात से एक माह पहले उन्होंने रंजीत की पिटाई भी की थी। पुलिस ने रंजीत के लापता होने के बाद आरोपियों से कई बार पूछताछ की थी लेकिन वह हर बार गुमराह करते रहे। उन्होंने यहां तक कहा कि रंजीत के गांव में किसी की मौत हो गई थी और वह अपने गांव चला गया था। मगर आरोपियों की कॉल डिटेल से हत्या का राज खुल गया। 

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