{"_id":"63980a08466c97529d0b975c","slug":"dog-policy-implemented-in-noida-fine-up-to-ten-thousand-for-violation","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Dog Policy: नोएडा में कुत्ता पालने पर हर साल देने होंगे 500 रुपये, रजिस्ट्रेशन जरूरी; जानें नई पॉलिसी पर सबकुछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dog Policy: नोएडा में कुत्ता पालने पर हर साल देने होंगे 500 रुपये, रजिस्ट्रेशन जरूरी; जानें नई पॉलिसी पर सबकुछ
Tue, 13 Dec 2022 10:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Dec 2022 10:57 AM IST
विज्ञापन
पालतू कुत्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा में नई डॉग पॉलिसी लागू हो गई है। प्राधिकरण की 207वीं बोर्ड बैठक में पॉलिसी पर मुहर लगाने के बाद इस मसले पर आरडब्ल्यूए, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए), एनजीओ और आमलोगों से सुझाव मांगे गए थे। सुझाव के आधार पर बदलाव कर प्राधिकरण ने सोमवार से पॉलिसी लागू कर दी। लागू की गई पॉलिसी में शेल्टर होम, फीडिंग प्वाइंटर, पंजीकरण, नवीनीकरण, नसबंदी, टीकाकरण के नियम तय किए गए हैं। साथ ही नियम का पालन नहीं करने पर 500 रुपये से दस हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। मामले में एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्ल्यूबीआई) और शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने की बात कही गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण की पॉलिसी के अतिरिक्त आरडब्ल्यूए, एओए और गांव के निवासी या संगठन कोई भी प्रतिबंध या नियम नहीं बना सकते हैं। पालतू कुत्तों के मालिकों के तय दायित्वों के तहत घर के बाहर जानवरों को पट्टे में घुमाना अनिवार्य कर दिया गया है साथ ही घर के बाहर अकेले छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पालतू कुत्तों को सोसाइटी की सर्विस लिफ्ट से ही ले जाने की अनुमति होगी।
पालतू कुत्ता
- फोटो : गूगल
एडब्ल्यूबीआई गाइडलाइंस के मुताबिक लिफ्ट में पालतू कुत्ते को ले जाते समय मजल का प्रयोग करना होगा। अगर पालतू कुत्ता सार्वजनिक स्थान पर शौच करता है तो उसकी सफाई की जिम्मेदारी कुत्ते के मालिक की होगी। पालतू कुत्ते के मरने पर एप पर अपडेट करना होगा। पालतू कुत्ते को लावारिस छोड़ने पर प्राधिकरण कानूनी कार्रवाई करेगा।
जर्मन शेफर्ड कुत्ता
- फोटो : Social media
नए नियम के तहत सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। प्रत्येक वर्ष अप्रैल में 500 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा। पंजीकरण वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होगा। पंजीकरण का नवीनीकरण आलाधिकारियों के पूरी तरह से संतुष्ट होने पर ही होगा। पंजीकरण के लिए प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्रत्येक व्यक्ति अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण पॉलिसी लागू होने से एक माह के भीतर करना होगा। नोएडा क्षेत्र में प्रजनन केंद्र के सत्यापन के बाद नोएडा प्राधिकरण की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुत्ता
- फोटो : Pixabay
नियम का नहीं किया पालन तो देना होगा जुर्माना
- पालतू कुत्तों के लिए बने एप पर 31 जनवरी तक पंजीकरण के लिए देने होंगे 500 रुपये
- 1 फरवरी से 28 फरवरी के बीच पंजीकरण कराने पर 200 रुपए पेनाल्टी के साथ देने होंगे 700 रुपये
- 1 मार्च से 31 मार्च तक पंजीकरण कराने पर पेनाल्टी सहित देने होंगे 700 रुपए के अलावा 10 रुपये प्रतिदिन
- नए पालतू कुत्ते के लिए पंजीकरण और रिनुअल अगर 1 मई से 31 मई के बीच कराने पर विलंब शुल्क के साथ देने होंगे 700 रुपये
- 1 जून या उसके बाद डॉग पंजीकरण या रिनुअल कराने पर पंजीकरण शुल्क, विलंब शुल्क के साथ सूची में निर्धारित जुर्माना प्रतिदिन की दर से जमा करने के बाद ही पंजीकरण का नवीनीकरण कराया जा सकेगा। इसके लिए देने होंगे-700 रुपये के अलावा 10 रुपये प्रतिदिन
- डॉग पॉलिसी लागू होने के बाद नोएडा क्षेत्र में 6 माह या उससे अधिक उम्र के पालतू कुत्तों व पालतू बिल्लियों की नसबंदी कराने जाने की अनिवार्यता की समय सीमा 31 जनवरी निर्धारित है। इसके बाद नसबंदी कराने पर जुर्माना की राशि 2000 रुपये प्रतिमाह
- अगर पालतू कुत्ता हमला करता है तो कुत्ते के मालिक को उपचार के अलावा देना होगा 10000 रुपये
- पालतू कुत्ते को सार्वजनिक स्थान पर खुला छोड़ने और शौच कराने पर पहली बार जुर्माना-100 रुपये, दूसरी बार-200 रुपये, तीसरी बार-500 रुपये
- पालतू कुत्ते का मालिक व्यवसाय करने के लिए अपने फ्लैट में डॉग ब्रीडिंग कराता है तो उसे जुर्माना देना होगा 5000 रुपये
- पालतू कुत्तों के लिए बने एप पर 31 जनवरी तक पंजीकरण के लिए देने होंगे 500 रुपये
- 1 फरवरी से 28 फरवरी के बीच पंजीकरण कराने पर 200 रुपए पेनाल्टी के साथ देने होंगे 700 रुपये
- 1 मार्च से 31 मार्च तक पंजीकरण कराने पर पेनाल्टी सहित देने होंगे 700 रुपए के अलावा 10 रुपये प्रतिदिन
- नए पालतू कुत्ते के लिए पंजीकरण और रिनुअल अगर 1 मई से 31 मई के बीच कराने पर विलंब शुल्क के साथ देने होंगे 700 रुपये
- 1 जून या उसके बाद डॉग पंजीकरण या रिनुअल कराने पर पंजीकरण शुल्क, विलंब शुल्क के साथ सूची में निर्धारित जुर्माना प्रतिदिन की दर से जमा करने के बाद ही पंजीकरण का नवीनीकरण कराया जा सकेगा। इसके लिए देने होंगे-700 रुपये के अलावा 10 रुपये प्रतिदिन
- डॉग पॉलिसी लागू होने के बाद नोएडा क्षेत्र में 6 माह या उससे अधिक उम्र के पालतू कुत्तों व पालतू बिल्लियों की नसबंदी कराने जाने की अनिवार्यता की समय सीमा 31 जनवरी निर्धारित है। इसके बाद नसबंदी कराने पर जुर्माना की राशि 2000 रुपये प्रतिमाह
- अगर पालतू कुत्ता हमला करता है तो कुत्ते के मालिक को उपचार के अलावा देना होगा 10000 रुपये
- पालतू कुत्ते को सार्वजनिक स्थान पर खुला छोड़ने और शौच कराने पर पहली बार जुर्माना-100 रुपये, दूसरी बार-200 रुपये, तीसरी बार-500 रुपये
- पालतू कुत्ते का मालिक व्यवसाय करने के लिए अपने फ्लैट में डॉग ब्रीडिंग कराता है तो उसे जुर्माना देना होगा 5000 रुपये
विज्ञापन
फाइल फोटो
नसबंदी के अलावा लगेगा एंटी रेबीज का टीका
लावारिस कुत्तों की नसबंदी के अलावा एंटी रेबीज का टीका भी लगाया जाएगा। इसके लिए दो एजेंसियों के अलावा सीवीओ के माध्यम से सरकारी अस्पताल को भुगतान के आधार पर पैनल में रखा गया है। एजेंसी रोस्टर के अनुसार सेक्टरों व सोसाइटियों में जाकर नसबंदी का कार्य करेंगी। इसके अलावा संबंधित पदाधिकारियों से प्रमाण पत्र लेने के बाद ही सेक्टर या सोसाइटी में जाएंगी। गांवों में प्रमाण पत्र देने की जिम्मेदारी पांच विशिष्ट लोगों से लिया जाएगा। एक वर्ष बाद फिर से यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बिना प्रमाण पत्र के संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं हो पाएगा।
लावारिस कुत्तों की नसबंदी के अलावा एंटी रेबीज का टीका भी लगाया जाएगा। इसके लिए दो एजेंसियों के अलावा सीवीओ के माध्यम से सरकारी अस्पताल को भुगतान के आधार पर पैनल में रखा गया है। एजेंसी रोस्टर के अनुसार सेक्टरों व सोसाइटियों में जाकर नसबंदी का कार्य करेंगी। इसके अलावा संबंधित पदाधिकारियों से प्रमाण पत्र लेने के बाद ही सेक्टर या सोसाइटी में जाएंगी। गांवों में प्रमाण पत्र देने की जिम्मेदारी पांच विशिष्ट लोगों से लिया जाएगा। एक वर्ष बाद फिर से यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बिना प्रमाण पत्र के संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं हो पाएगा।