फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बच्चों की विनती के बाद पसीज गया डीएम अंकल का दिल, फर्जी आदेश जारी करने वाले छात्रों को मिली राहत

Thu, 26 Dec 2019 11:00 AM IST
प्राची प्रियम माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: प्राची प्रियम Updated Thu, 26 Dec 2019 11:00 AM IST
विज्ञापन
Noida students spreading fake DM order gets bail but charged under IT act
डीएम आवास के बाहर विनती करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

नोएडा के स्कूलों में छुट्टी के लिए डीएम का फर्जी आदेश जारी करने के मामले में पकड़े गए 12वीं के दो छात्रों को बुधवार को जमानत मिल गई। बाल किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के बाद दोनों छात्रों को बाल सुधार गृह से घर भेज दिया गया। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट बाल किशोर न्याय बोर्ड को सौंपी थी। इसमें पुलिस ने बताया कि छात्रों का उद्देश्य आपराधिक नहीं था। पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा भी हटा ली है। अब छात्रों पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा चलेगा। 

Noida students spreading fake DM order gets bail but charged under IT act
विनती करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार को दोनों छात्रों के समर्थन में उनके स्कूल के छात्र-छात्राएं सामने आए थे और देर शाम तक डीएम आवास पर धरना दिया था। छात्र-छात्राओं ने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर डीएम से माफी मांगी थी। इसके बाद यह मामला मीडिया व सोशल मीडिया में सुर्खियों में था। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने मंगलवार को दोनों छात्रों को बाल सुधार गृह भेज दिया था। इसके बाद सामाजिक संगठनों ने दोनों छात्रों को छोड़ने के लिए डीएम से बात भी की थी।

Noida students spreading fake DM order gets bail but charged under IT act
विनती करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि दोनों छात्रों को बाल किशोर न्याय बोर्ड से जमानत मिल गई है। बुधवार को कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक व इस मामले के जांच अधिकारी राजबीर सिंह चौहान ने बाल किशोर न्याय बोर्ड को अवगत कराया कि जांच में पाया गया है कि दोनों छात्रों ने मौज मस्ती के लिए डीएम के आदेश को एडिट कर व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल किया था। इससे अन्य स्कूलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और शहर के अन्य स्कूल समय पर खुले। इसका आपराधिक आशय नहीं था। इस कारण दोनों छात्रों पर लगे आईपीसी की धारा 419, 420 और 500 हटा ली जाएं। इनकी जगह आईटी एक्ट लगाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Noida students spreading fake DM order gets bail but charged under IT act
विनती करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

मालूम हो कि रविवार को जिलाधिकारी बीएन सिंह के नाम से एक आदेश पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें यह कहा गया था कि सर्दी के कारण 23 और 24 दिसंबर को 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। सोशल मीडिया पर डीएम ने इस बात को गलत बताया था। इसके बाद डीएम ने इसकी जानकारी एसएसपी को दी थी। जांच में पता चला कि दोनों छात्र सेक्टर-12 के एक स्कूल में पढ़ते हैं। छात्रों ने मौज मस्ती के लिए यह खुराफात की थी और डीएम के पुराने आदेश को कॉपी कर एक ऐप के जरिये 23 और 24 दिसंबर की तिथि को एडिट कर इस गलत आदेश को छात्रों ने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया था। इसके बाद यह फर्जी आदेश वायरल हो गया था। 

विज्ञापन
Noida students spreading fake DM order gets bail but charged under IT act
विनती करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

वहीं सुप्रीम कोर्ट के वकील अंकुर नागर ने बताया कि बच्चों को जमानत मिलने के बाद अब पुलिस की विवेचना और कोर्ट के ट्रायल पर निर्भर रहेगा कि बच्चों का क्या दोष है। इसमें यह भी संभावना है कि पुलिस विवेचना करे और चार्जशीट दाखिल करते समय लिखे कि बच्चों के लिए जो धारा लगाई गई है, वे सही नहीं थी और इसमें फाइनल रिपोर्ट(एफआर) लगा दे तो बच्चे निर्दोष हो जाएंगे। या फिर कोर्ट ही ट्रायल के दौरान फैसला दे दे कि बच्चे निर्दोष हैं। यह भी हो सकता है कि कोर्ट सुनवाई के दौरान बच्चों को चेतावनी देकर माफ कर दे। चूंकि अब रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है तो विवेचना होगी और कोर्ट में ट्रायल भी। अगर बच्चों का दोष सिद्ध हो जाता है तो निश्चित ही उनका भविष्य खराब हो जाएगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed