नई दिल्ली में अगली बार जांच केंद्र पर वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के लिए जाएं तो मोबाइल जरूर साथ रखें। ऐसा नहीं होने पर आपके वाहन का प्रदूषण जांच नहीं किया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
जांच कराने से पहले आपके नंबर पर छह अंकों का ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड ) आएगा। जिसे केंद्र संचालक को बताना होगा। दिल्ली में 959 प्रदूषण जांच केंद्र हैं। ज्यादातर केंद्रों पर यह सुविधा शुरू हो चुकी है।
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामी का मोबाइल नंबर रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए यह फैसला लिया है। उनका मानना है कि इस नंबर के जरिये हम प्रदूषण जांच कराने से पहले वाहन मालिक को अलर्ट भेज पाएंगे।
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राजधानी में 1.05 करोड़ से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं। अब भी 25 फीसदी से अधिक वाहन ऐसे हैं जो तय समय पर वाहन का प्रदूषण जांच नहीं कराते हैं। परिवहन विभाग अब उन्हें एसएमएस के जरिये अलर्ट भेजता है।
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1000 के चालान का प्रावधान
दिल्ली में प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र ( पीयूसी) के बिना वाहन चलाने पर एक हजार रुपये के चालान का प्रावधान है। वहीं, बिना जांच दोबारा पकड़े जाने पर दो हजार रुपये का चालान काटा जाता है। यूरो फोर मानक के वाहनों का साल में एक बार जांच कराना होता है। बता दें कि विभाग अब पीयूसी जांच का समय नजदीक आने पर वाहन मालिकों को एसएमएस अलर्ट भेजकर उन्हें याद दिलाता है।