मैं निर्भया का पिता हूं। मैं उसे न्याय दिलाने के लिए रोऊंगा नहीं, बल्कि लड़ता रहूंगा। निर्भया केस के पांच साल पूरे होने पर कांस्टीट्यूशन क्लब में निर्भया चेतना दिवस श्रद्धांजलि सभा में निर्भया के पिता ने अपना दुख जाहिर करते हुए ये शब्द कहे।
निर्भया को याद कर भावुक हुए पिता, कहीं रुला देने वाली बातें
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निर्भया ज्योति ट्रस्ट की इस सभा में निर्भया के परिवार ने दिल्ली और केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी भी जताई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी, किरण वालिया, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ममता शर्मा, सुषमा शाहू, निर्भया ज्योति ट्रस्ट के महासचिव सर्वेश तिवारी, निर्भया की मां आशा देवी, पिता बद्रीनाथ एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ही छात्र-छात्राओं ने निर्भया के लिए दो मिनट का मौन रखकर फूलों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
बेटी को याद करते हुए निर्भया की मां आशा देवी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा उनके पास है। निर्भया को इंसाफ दिलाने की जंग में वे पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि पांच साल बीत जाने के बाद भी सरकार के महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े वादे खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्भया के साथ जो हुआ, ऐसा किसी और के साथ न हो, इस मुहिम में वह पूरी तरह जुटी हैं। उन्होंने कहा कि निर्भया ही नहीं, पूरे देश की बेटियां उनकी बेटी हैं और वह उन्हें न्याय दिलाना चाहती हैं।
निर्भया के पिता बद्रीनाथ ने कहा कि आज भी समाज में लोगों की मानसिकता में कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा हैै। हमें समाज में बदलाव लाना है कि तो शुरुआत खुद से करनी होगी। यह लड़ाई पहले हमें खुद से जीतनी होगी। उसके बाद ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि निर्भया मेरी सांसों में है, मेरी धड़कन में है और मुझमें मेरी बेटी हमेशा जीवित है। मैं उसे न्याय दिलाने के लिए हमेशा लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा कि उस दिन निर्भया को असली श्रद्धांजलि मिलेगी, जब उसके चारों आरोपियों को फांसी की सजा होगी।
निर्भया के माता-पिता को सलाम : केजरीवाल
सभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं किसी के यहां ऐसी घटना घट जाती है तो लोग हिम्मत हार जाते हैं, लेकिन निर्भया के माता-पिता ने न्याय की लड़ाई लड़ी। उनकी हिम्मत को सलाम। सिर्फ अपनी ही नहीं और भी कई पीड़िताओं की जंग लड़ी। उन्होंने कहा कि डीसीडब्ल्यू ने छोटी बच्चियों से दुष्कर्म की वारदात में मौत की सजा देने की आवाज उठाई है। दिल्ली सरकार इस मुद्दे पर आयोग के साथ है।