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निर्भयाः दो दोषियों के प्राण निकलने में लगेगा समय, बाकी की चंद मिनट में लंबी हो जाएगी गर्दन

Fri, 13 Dec 2019 10:17 PM IST
Vikas Kumar परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 13 Dec 2019 10:17 PM IST
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Nirbhaya case two culprits will be died soon other will take more time
nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया

निर्भया केस में जल्द ही दोषियों को फांसी होने वाली है। फांसी पर लटकाने के ठीक दो घंटे बाद तिहाड़ जेल प्रशासन के डॉक्टर नाड़ी की जांच करने के बाद मृत होने की पुष्टि करते हैं। इसी डॉक्टर के सर्टिफिकेट के आधार पर जेल प्रशासन सजा देने वाले जज को सूचित भी करते हैं। इन्हीं में से एक डॉक्टर के अनुसार निर्भया के चार में से दो दोषियों की फंदे पर लटकने के बाद सबसे पहले प्राण जाएंगे। जबकि बाकी दोनों दोषी फांसी पर झूलने के बाद....

Nirbhaya case two culprits will be died soon other will take more time
nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया

जबकि बाकी दोनों दोषी फांसी पर झूलने के बाद कुछ समय तक पैर फड़फड़ाते रहेंगे और इनके दम तोड़ने में वक्त लग सकता है। क्योंकि इनका वजन 65 किलो से कम है। डॉक्टरों के मुताबिक इससे कम वजन के लोगों के प्राण फांसी पर लटकाने के कुछ मिनट बाद ही जाते हैं। तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने पहचान छिपाने की शर्त पर अमर उजाला को फांसी से पहले और बाद के पलों के बारे में तमाम जानकारियां साझा कीं।

Nirbhaya case two culprits will be died soon other will take more time
पवन जल्लाद ने निर्भया के दोषियों को फांसी देने की इच्छा जाहिर की - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने बताया कि जिन्हें फांसी दी जाती है वे जेल प्रशासन की जिम्मेदारी होते हैं। उनकी देखभाल पूरी की जाती है। सर्दी के मौसम में इसका वक्त करीब सुबह 5 बजे का रहता है। वहीं फांसी पर लटकने के 2 घंटे बाद उनके मृत होने या नहीं होने की पुष्टि नाड़ी की जांच करके लगाई जाती है। इसके बाद सर्टिफिकेट जेल प्रशासन को दिया जाता है। 

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Nirbhaya - फोटो : Social Media

डॉक्टर ने बताया कि जिनका शरीर करीब 65 किलोग्राम से ज्यादा वजन का होता है, उनकी गर्दन लंबी जल्दी (प्राण निकला) होती है। मेडिकल साइंस भी यही कहता है। जेल की भाषा में गर्दन लंबी होने का मतलब होता है गर्दन का टूटना। जब जल्लाद लीवर को खींचता है तो नीचे 12 फुट गहरे कुए में शरीर नीचे लटक जाता है और उसकी गर्दन मोटी रस्सी से जकड़ी होती है। रस्सी में वैक्स लगाया जाता है ताकि फांसी देते वक्त फंदा कमजोर न हो इस वीभत्स दृश्य को छिपाने के लिए ही काला थैला दोषी के मुंह पर पहले रखा जाता है।

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Ranga Billa - फोटो : Social Media

फांसी पर झूलने के बाद उनकी गर्दन को लंबा होने में थोड़ा बहुत वक्त लगता है। वह अपने पैर फड़फड़ाते रहते हैं। इसीलिए फांसी पर लटकाने के बाद दोषी की नाड़ी जांच करने के बीच 2 घंटे का अंतराल रखा जाता है। उनका कहना है कि अक्षय और मुकेश का वजन क्रमश: 52 और 67 किलोग्राम के आसपास है और ये लगातार कम होता जा रहा है। इसीलिए उन्होंने संभावना जताई है कि दो दोषी की गर्दन लंबी होने में थोड़ा वक्त लग सकता है। अन्य दोषी पवन का 81 किलोग्राम वजन बताया जा रहा है। 

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