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निर्भया केसः हर दोषी के फंदे पर होंगी तीन गांठें, 15 फीट गहरा होगा कुंआ

Sat, 11 Jan 2020 08:59 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 11 Jan 2020 08:59 PM IST
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Nirbhaya case: Three bales on noose of every convict well will be 15 feet deep
Nirbhaya - फोटो : Social Media

तिहाड़ जेल नंबर-3 में निर्भया के दोषियों को फांसी देने की तैयारी जारी हैं। माना जा रहा है कि फिलहाल दोषियों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा। तिहाड़ जेल में डमी को फांसी देकर पूरी प्रकिया को परखने से पहले शनिवार को चारों दोषियों के गले की नाप ली गई। गले की साइज के हिसाब से ही जेल प्रशासन फंदा तैयार करेगा। 



Nirbhaya case: Three bales on noose of every convict well will be 15 feet deep
निर्भया के दोषियों को होगी फांसी - फोटो : Amar Ujala

जेल अधिकारियों के मुताबिक फांसी के समय जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मेडिकल ऑफिसर और मनोचित्सिक मौके पर मौजूद रहेंगे। दोषियों या किसी अन्य शख्स को फांसी घर में रहने की अनुमति नहीं होगी। जेल का वार्डर फांसी के फंदे तक दोषियों को ले जाएगा। जल्लाद दोषियों की टांगों को बांध देगा। मुंह पर कपड़ा पहनाकर फांसी के फंदे को दोषी के गले में डाल दिया जाएगा। मजिस्ट्रेट कागजात देखने के बाद आखिरी बार डेथ वारंट पर साइन करेगा। इसके बाद जेल अधीक्षक के इशारे पर जल्लद फांसी घर में लगे लीवर को हटा देता। जिसके बाद दोषी फंदे पर लटक जाएगा।
 

Nirbhaya case: Three bales on noose of every convict well will be 15 feet deep
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला

मौत की पुष्टि होने के बाद शव को उतारकर उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। यदि परिवार ने शव लेने के लिए पहले से आवेदन किया होगा तो शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। यदि ऐसा नहीं है तो शव को उसके धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। 

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Nirbhaya case: Three bales on noose of every convict well will be 15 feet deep
निर्भया में दोषियों की फांसी का रास्ता साफ - फोटो : अमर उजाला

एक फंदे में होती है तीन से पांच गांठ
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गले का नाप लेने के दौरान काफी सतर्कता बरती जाती है। फंदे का नाप बाएं कान के नीचे जबड़े के पास से लिया जाता है। गांठ वहीं से शुरू होती है। इसे तैयार करने में वजन का भी ध्यान रखा जाता है और इसी हिसाब से गांठों की संख्या तय होती है। ज्यादा वजन वाले गुनहगार के फंदे के लिए ज्यादा गांठें लगाई जाती हैं, जबकि कम वजन वाले के लिए कम। एक फंदे में तीन से पांच गांठ होती है। फांसी पर लटकाए जाने के बाद एक-एक गांठ खुलती जाती है। इससे गर्दन पर फंदा कसता रहता है। 

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Nirbhaya case: Three bales on noose of every convict well will be 15 feet deep
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला

वजन से ही तय होती फंदे की लंबाई, कुंआ 15 फिट गहरा होता है
जेल अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के वजन के हिसाब से फंदे की लंबाई भी तय होती है। 45 किलो वजन वाले दोषी के फंदे की लंबाई करीब 8 फिट होती है, जबकि 90 या उससे ज्यादा वजन वालों के लिए छह फिट। फांसी के तख्ते के नीचे कुएं की गहराई करीब 15 फिट है। लीवर खींचते ही तख्ता खुल जाता है और फंदे पर लटकाए गए दोषी का आधा शरीर कुएं के अंदर चला जाता है और करीब आधे घंटे में उसकी मौत हो जाती है।

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