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वो काली रात और निर्भया की चीख...16 दिसंबर 2012 की घटना को याद कर सिहर उठते हैं लोग
Wed, 08 Jan 2020 10:35 AM IST
शाहरुख खान
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 08 Jan 2020 10:35 AM IST
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nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के मुनीरका में 16 दिसंबर 2012 की रात सड़क दौड़ रही बस में एक जिंदगी चीख रही थी.. वो हैवानों से गुहार लगा रही थी अपनी जान बख्शने के लिए, लेकिन 6 दरिंदों को तरस नहीं आया। उन्होंने कुछ ऐसा किया जिससे सुनकर पूरी दुनिया रो पड़ी। उस लड़की के साथ दरिंदों ने न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसके जिस्म के साथ वो खिलवाड़ किया, जिसे सुनकर देश भर के लोग सिहर उठे। दरिंदों ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में चलती बस से नीचे फेंक दिया।
निर्भया केस
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के वक्त पीड़िता का दोस्त भी बस में था। दरिंदों ने उसके साथ भी मारपीट की और उसे भी बस से फेंक दिया था। इसके बाद पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने जब निर्भया (बदला नाम) की हालत देखी तो वो भी रो पड़े। उनका कहना था कि आज तक उन्होंने हैवानियत की इस तरह की तस्वीर कभी नहीं देखी। निर्भया की हालत देखकर उनकी रूह भी कांप उठी।
निर्भया का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताई दर्दनाक दास्तां
- फोटो : अमर उजाला
इलाज चला, लेकिन हालत में कुछ सुधार नहीं होने की वजह से 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर भेजा गया। वहां इलाज के दौरान पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई। 29 दिसंबर को निर्भया ने रात करीब सवा दो बजे दम तोड़ दिया था। पीड़िता की मां ने बताया था कि वह आखिरी दम तक जीना चाहती थी। इधर पुलिस निर्भया के दोषियों को खोजना शुरू कर दिया। पेश है पूरे घटनाक्रम पर नजर:
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nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
- 18 दिसंबर 2012 : दिल्ली पुलिस ने चारों दोषियों राम सिंह, मुकेश, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
- 21 दिसंबर: इस मामले में एक नाबालिग को दिल्ली से और छठे दोषी अक्षय ठाकुर को बिहार से गिरफ्तार कर लिया।
- 29 दिसंबर: निर्भया ने सिंगापुर अस्पताल में दम तोड़ दिया ।
- 3 जनवरी 2013 : पुलिस ने को पांच वयस्क दोषियों के खिलाफ हत्या, गैंगरेप, हत्या की कोशिश, अपहरण, डकैती का केस दर्ज करने के बाद चार्जशीट दाख़िल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाने का दिया गया आदेश।
- 17 जनवरी: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांचों दोषियों पर आरोप तय किए।
- 11 मार्च: तिहाड़ जेल में मुख्य आरोपी राम सिंह ने खुदकुशी कर ली।
- 10 सितंबर: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार आरोपियों मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को दोषी ठहराया।
- 13 सितंबर : कोर्ट ने चारों दोषियों मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को मौत की सजा सुनाई।
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इसी बस में हुई थी हैवानियत
- फोटो : अमर उजाला
- 13 मार्च 2014 : दिल्ली हाईकोर्ट ने को चारों दोषियों की मौत की सजा को बरकरार रखा ।
- 15 मार्च : सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को फांसी दिए जाने पर लगाई रोक ।
- 20 दिसंबर 2015 : नाबालिग अपराधी को बाल सुधार गृह से रिहा कर दिया गया।
- 27 मार्च 2016 : सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
- 5 मई 2017 : सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों की मौत की सजा बरकरार रखी।
- 9 नवंबर 2017 : दोषी मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा बरकरार रखने के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया।
- 9 जुलाई 2018 : दोषियों द्वारा दाखिल की गई रिव्यू पिटिशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए मौत की सजा को बरकरार रखा।
- 4 दिसंबर 2019 : दोषियों की दया याचिका को दिल्ली सरकार ने खारिज कर दिया।
- 7 जनवरी 2020 : निर्भया के चार दोषियों का डेथ वारंट जारी। 22 जनवरी को फांसी की तारीख मुकर्रर की गई।