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निर्भया केस: दो दोषियों को फांसी पर लटकाते ही निकल जाएगी जान, इन दो दोषियों को लग सकता है समय

Thu, 19 Mar 2020 07:06 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Thu, 19 Mar 2020 07:06 PM IST
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Nirbhaya Case: pawan and vinay will die soon mukesh and akshay take more time after hang
फांसी की सजा - फोटो : अमर उजाला
जिस दिन का निर्भया की मां और पूरे देश को पिछले सात से इंतजार था, आखिरकार वह दिन आ ही गया। निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने के लिए तमाम दांव चले लेकिन आखिरकार इनकी ये चालें काम न आईं। चारों दोषियों को 20 मार्च सुबह 5.30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा। इस बीच डॉक्टरों की मानें तो चारों दोषियों में से दो की तो जान आसानी से निकल जाएगी लेकिन दो के प्राण निकलने में कुछ वक्त लगेगा। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है...
Nirbhaya Case: pawan and vinay will die soon mukesh and akshay take more time after hang
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
नाम  न बताने की शर्त पर तिहाड़ जेल के एक डॉक्टर ने तीन महीने पर अमर उजाला से बातचीत में बताया था कि दोषियों को फांसी पर लटकाने के ठीक दो घंटे बाद तिहाड़ जेल प्रशासन के डॉक्टर नाड़ी की जांच कर इनके मृत होने की पुष्टि करेंगे।  डॉक्टर के सर्टिफिकेट के आधार पर जेल प्रशासन सजा देने वाले जज को सूचित भी करेगा। 
Nirbhaya Case: pawan and vinay will die soon mukesh and akshay take more time after hang
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर ने बताया कि निर्भया के चार में से दो दोषियों की फंदे पर लटकने के बाद सबसे पहले प्राण जाएंगे। जबकि बाकी दोनों दोषी फांसी पर झूलने के बाद कुछ समय  तक पैर फड़फड़ाते रहेंगे और इनके दम तोड़ने में वक्त लग सकता है। क्योंकि इनका वजन 65 किलो से कम है। डॉक्टरों के मुताबिक इससे कम वजन के लोगों के प्राण फांसी पर लटकाने के कुछ मिनट बाद ही जाते हैं। यह सारी जानकारियां डॉक्टर ने अमर उजाला से बातचीत में साझा की थीं। 
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Nirbhaya Case: pawan and vinay will die soon mukesh and akshay take more time after hang
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर ने बताया था कि जिनका शरीर का वजन करीब 65 किलोग्राम होता है, उनकी गर्दन लंबी जल्दी (प्राण निकला) होती है। मेडिकल साइंस भी यही कहता है। जेल की भाषा में गर्दन लंबी होने का मतलब होता है गर्दन का टूटना। जब जल्लाद लीवर को खींचता है तो नीचे 12 फुट गहरे कुए में शरीर नीचे लटक जाता है और उसकी गर्दन मोटी रस्सी से जकड़ी होती है। रस्सी में वैक्स लगाया जाता है ताकि फांसी देते वक्त फंदा कमजोर न हो इस वीभत्स दृश्य को छिपाने के लिए ही काला थैला दोषी के मुंह पर पहले रखा जाता है।
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Nirbhaya Case: pawan and vinay will die soon mukesh and akshay take more time after hang
विनय शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
फांसी पर झूलने के बाद उनकी गर्दन को लंबा होने में थोड़ा बहुत वक्त लगता है। वह अपने पैर फड़फड़ाते रहते हैं। इसीलिए फांसी पर लटकाने के बाद दोषी की नाड़ी जांच करने के बीच 2 घंटे का अंतराल रखा जाता है। उनका कहना है कि अक्षय और मुकेश का वजन कम है और फैसले के बाद से लगातार कम होता जा रहा है। इसलिए इनकी गर्दन लंबी होने में ज्यादा वक्त लग सकता है। अन्य दो दोषी विनय और पवन के साथ इस तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
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