निर्भया सामूहिक दुष्कर्म केस के चार दोषियों में से एक मुकेश की दया याचिका शुक्रवार(17 जनवरी) को राष्ट्रपति ने खारिज कर दी। इसके साथ ही उसकी फांसी का रास्ता साफ हो गया है। वहीं अन्य तीन आरोपियों ने अब तक दया याचिका डाली ही नहीं है। अगर यह तीनों दया याचिका नहीं दायर करते हैं तो चारों दोषियों की फांसी 22 जनवरी को सुबह सात बजे होना तय है। हालांकि मुकेश का एक केस पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहा है जिस पर आज सुनवाई होनी है। इस याचिका में मुकेश ने डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग की है।
निर्भया केसः 22 जनवरी को दो नहीं सिर्फ एक जल्लाद देगा चारों दोषियों को फांसी, जानिए वजह
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जेल सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने उत्तर प्रदेश जेल विभाग से निर्भया के चार दोषियों को फांसी देने के लिए दो जल्लाद भेजने की सिफारिश की थी। लेकिन उत्तर प्रदेश जेल विभाग ने तिहाड़ जेल प्रशासन को सूचित कर दिया है कि फिलहाल एक ही जल्लाद का इंतजाम हो पाया है।
इससे स्पष्ट हो गया है कि निर्भया के चार दोषियों को एक ही जल्लाद फांसी पर लटकाएगा। सूत्रों के अनुसार 20 जनवरी को ही जल्लाद पवन तिहाड़ के फांसी घर का भी मुआयना करेगा। अगले दिन 21 जनवरी को ठीक उसी समय वह डमी से फांसी का अभ्यास करेगा जिस समय निर्भया के दोषियों को फांसी देना निर्धारित किया गया है।
पवन जल्लाद सेमी ओपन जेल में रहेगा
तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने की पूरी तैयारी कर ली है। 20 जनवरी को जल्लाद पवन तिहाड़ जेल पहुंच सकता है। जल्लाद के रहने के इंतजाम जेल परिसर में ही किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जल्लाद को तिहाड़ के सेमी ओपन जेल परिसर में रखा जाएगा। इसके लिए परिसर में बने एक क्वार्टर को तैयार किया जा रहा है। क्वार्टर के आसपास 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
जल्लाद को मिल सकता है 60 हजार रुपये मेहनताना
निर्भया के दोषियों को फांसी देने वाले जल्लाद को दिए जाने मेहनताना पर अंतिम फैसला नहीं किया गया है। लेकिन जेल सूत्रों का कहना है कि मेहनताना राशि 60 हजार रुपये हो सकती है। अब तक तिहाड़ जेल में फांसी देने वाले जल्लादों को महज डेढ़ सौ रुपये दिए जाते थे। लेकिन अगर 60 हजार रुपये देने पर फैसला हो जाता है तो पहले की तुलना में यह काफी अधिक होगा। जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा तिहाड़ जेल प्रशासन जल्लाद के आने-जाने, रहने और खाने का खर्च भी वहन करेगा।