अदालत से डेथ वारंट जारी होते ही निर्भया के चारों दोषियों के होश उड़ गए। चारों दोषियों में घबराहट बढ़ते ही उनकी काउंसिलिंग व चिकित्सा जांच करवाई गई। कुछ देर के लिए जेल कर्मियों ने दोषियों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।
2 of 5
Nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
जेल सूत्रों का कहना है दोषियों को यह एहसास हो गया है कि अब उनकी फांसी तय है। इससे उनकी धड़कने बढ़ी हुई हैं। जेल प्रशासन ने भी इनकी सुरक्षा बढ़ा दी है और लगातार मेडिकल करवाया जा रहा है। जेल के सूत्रों का कहना है कि चारों आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट ठीक है।
3 of 5
nirbhaya case
- फोटो : सोशल मीडिया
बुधवार को जेल प्रशासन के डेथ वारंट जारी करवाने के लिए अदालत जाने के बाद से दोषियों की रात बड़ी मुश्किल से कटी। रातों को उनकी नींद अचानक खुल जाती है। यहां तैनात सुरक्षाकर्मी लगातार इन पर निगरानी रखते हैं।
4 of 5
nirbhaya case
- फोटो : सोशल मीडिया
साथ ही बातचीत कर इन्हें शांत करने की कोशिश करते रहते हैं। दोषी विनय खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश चुका है। इसलिए उस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
5 of 5
Nirbhaya Case
- फोटो : अमर उजाला/सोशल मीडिया
23 को केंद्र की याचिका पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट बोला-इस बीच फांसी हो जाए तो कोई बात नहीं
वहीं, दोषियों को अलग-अलग फांसी दिए जाने की केंद्र की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च को सुनवाई की तारीख तय कर दी है। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस बोपन्ना की पीठ को जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि निचली अदालत ने 20 मार्च को फांसी की तारीख तय की है। इस पर पीठ ने कहा, 23 मार्च को हम इस मामले में सुनवाई करेंगे और इस बीच फांसी हो भी जाए तो कोई बात नहीं। हम कानूनी पहलुओं पर ही विचार करेंगे। इससे पहले मेहता ने कहा कि दोषियों ने फांसी में देरी के लिए हर तरह की पैंतरेबाजी की और पूरी व्यवस्था का मजाक बनाकर रख दिया।