सात साल पहले निर्भया के साथ हुई दरिंदगी का चश्मदीद बना वसंत विहार इलाका आज भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के इंतजार में है। आलम यह है कि जिस बस स्टॉप से इस हैवानियत भरी वारदात की शुरूआत हुई, वहां महज एक सीसीटीवी कैमरा लगाकर सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे छोड़ दी गई है। अमर उजाला की टीम ने इस स्पॉट का जायजा लिया तो लगा कि आसपास के लोगों में अभी इस घटना को लेकर डर और दुख की स्थिति है। लोगों के अनुसार इलाके में अभी भी पुख्ता सुरक्षा नहीं है, जिस कारण से शाम होते ही इलाके में बेटियों को डर लगने लगता है।
2 of 8
वसंत विहार बस स्टॉप
- फोटो : अमर उजाला
16 दिसंबर 2012 को वसंत विहार इलाके में निर्भया के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदात को दो दिन बाद पूरे सात साल होने वाले हैं, लेकिन इस मामले में अभी भी दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकी है। इस घटना के समय पूरे देश की जनता में उबाल की स्थिति पैदा हो गई थी और अब इस घटना की सातवीं बरसी के मौके पर भी लोगों में दोषियों को फांसी दिए जाने का इंतजार है।
3 of 8
वसंत विहार बस स्टॉप
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद सरकार ने दिल्ली में महिलाओं की पुख्ता सुरक्षा के दावे किए थे। इन्हीं दावों का जायजा लेने के लिए शनिवार को अमर उजाला की टीम ने वसंत विहार बस स्टॉप की लाईव रिपोर्टिंग की तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। यहां करीब दो घंटे के दौरान बस स्टॉप से दोनों ओर करीब 500 मीटर के दायरे में एक भी पुलिस कर्मी नजर नहीं आया।
शाम होते ही लगता है लड़कियों को डर
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे इस बस स्टॉप के आसपास वाहनों की अवैध पार्किंग का जमावड़ा मिला। यहां बस स्टॉप पर कामकाजी युवक युवतियां भारी संख्या में बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। इस बीच एक युवती से जब बात की गई तो उसने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वह मुनिरका गांव में पिछले कई सालों से रहती हैं।
5 of 8
शुरूआत के कुछ दिनों तक सतर्क रही पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि निर्भया के साथ हुई घटना के बाद वसंत विहार बस स्टॉप के आसपास करीब 800 मीटर के दायरे में लगभग 6 महीनों तक वाहनों के खड़े होने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन आज फिर से माहौल पहले जैसा असुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि इस बस स्टॉप के आसपास कोई पुलिस बूथ भी नहीं है और पुलिस कर्मी भी नहीं दिखाई देते। शाम के समय वह इस बस स्टॉप के आसपास असुरक्षित महसूस करती हैं।