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निकिता हत्याकांड में एक और खुलासा, राजनीति ही नहीं पुलिस महकमे में भी पारिवारिक संबंध रखता है हत्यारोपी तौसीफ

Fri, 30 Oct 2020 10:14 PM IST
Vikas Kumar कैलाश गठवाल, अमर उजाला, फरीदाबाद
कैलाश गठवाल, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 30 Oct 2020 10:14 PM IST
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Nikita Tomar killer tauseef has family relations Not only in politics also in police department
निकिता हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर की हत्या में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। हत्याकांड का मुख्य आरोपी तौसीफ एक ऊंचे राजनीतिक परिवार से तो संबंध रखता ही है, साथ ही पुलिस महकमे में भी उसके रिश्तेदार ऊंचे पद पर आसीन हैं। हरियाणा पुलिस के एक डीसीपी के बेटे के साथ तौसीफ की बहन की शादी हुई है। साल 2018 में भी जब तौसीफ ने निकिता का अपहरण किया था, उस समय भी उसकी बहन के ससुर एनआईटी जॉन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के पद पर थे। फिलहाल उनकी तैनाती कहीं जीआरपी में बताई जाती है। मामले की जांच कर रही एसआईटी अब इस हत्याकांड के सभी पहलुओं पर गहनता से पड़ताल कर रही है। 


 

Nikita Tomar killer tauseef has family relations Not only in politics also in police department
निकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

निकिता का परिवार लगातार यह बात कह रहा है कि तौसीफ के राजनीतिक परिवार का होने के कारण उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। पूर्व की तरह यह मामला भी रफा-दफा किया जा सकता है। हत्या के बाद से ही निकिता के पिता मूलचंद तोमर यह आरोप लगा रहे हैं कि आरोपी एक रसूखदार घर से है। इसलिए उन्हें संदेह है कि उनकी सुनवाई नहीं होगी। 

Nikita Tomar killer tauseef has family relations Not only in politics also in police department
निकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

अब एक नई जानकारी भी सामने आई है। तौसीफ की बहन की शादी हरियाणा पुलिस में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात रहे साकिर हुसैन के बेटे के साथ हुई है। साकिर हुसैन फिलहाल जीआरपी में हैं। ऐसे में परिवार का ये कहना कि 2018 में सामाजिक दवाब में आकर फैसला किया गया था यह काफी हद तक इस बात की ओर इशारा करता है कि परिवार पर राजनीतिक व पुलिस महकमा दोनों की तरफ से ही दबाव हो स ता है। इसके अलावा एक थाना प्रभारी की भूमिका भी संदिग्ध रही है, हालांकि वह प्रभारी थाना शहर में तैनात नहीं थे। 

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मृतक निकिता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

निकिता के परिजनों ने पुराने मामले की दोबारा जांच की लगाई अर्जी
निकिता के परिजनों ने अतिरिक्तम आयुक्त बल्लभगढ़ को पत्र लिखकर अपील की है कि उनके दो साल पहले के मामले की जांच दोबारा से की जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि साल 2018 में उनके ऊपर दबाव डालकर जबरन फैसले का शपथपत्र  लिया गया था। शुक्रवार को एसआईटी ने इस मामले की फाइल अपने पास मंगवा ली है।

अब न्यायालय से इजाजत लेकर पुराने मामले की दोबारा से जांच होगी। 2 अगस्त 2018 को निकिता के पिता मूलचंद ने थाना शहर में शिकायत दी थी कि तौसीफ ने निकिता का अपहरण कर लिया है। शिकायत मिलने के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने निकिता को बरामद कर लिया था। बाद में निकिता के परिजनों ने न्यायालय में शपथपत्र देकर कहा था कि वह इस मामले में अब कार्रवाई नहीं चाहते। इसके बाद मामला खत्म हो गया था।

अब तौसीफ द्वारा निकिता की हत्या कर देने के बाद निकिता के परिजनों ने अतिरिक्त उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि साल 2018 में तौसीफ के परिजनों ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए उन पर समझौते के लिए दबाव डाला था। इसके बाद ही उन्होंने दबाव में उन्होंने न्यायालय में शपथपत्र दिया था। एसआईटी अब इस बात की भी जांच करेगी कि निकिता के परिजनों ने किन परिस्थितियों में शपथपत्र दिया था और उन पर किस तरह का दबाव था। उस दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। बता दें कि बृहस्पतिवार को गृहमंत्री अनिल विज ने भी साल 2018 में दर्ज हुए अपहरण के मामले की नए सिरे से जांच के निर्देश दिए थे।

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निकिता की मां विलाप करते हुए - फोटो : अमर उजाला

परिवार की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सादी वर्दी में पुलिस तैनात
पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के लिए पुलिस ने सादी वर्दी में भी पुलिस कर्मी तैनात कर दिये है जो परिवार के मिलने आने वाले लोगों पर नहर रख रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे भी सोसायटी के गेट व अन्य इलाकों में लगवाने की योजना बनाई है, जिससे आने-जाने वालों पर नजर रखी जा सके। सोसायटी के मुख्य द्वार पर बीबी पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। इसके साथ ही पीसीआर व राइडर भी बिना किसी काम के सड़क पर घूम रहे या संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों पर नजर बनाए हुए है। पुलिस इस बात को लेकर ऐतिहात बरतना चाहती है कि कहीं कोई बाहरी व्यक्ति परिवार पर नजर तो नही बनाए हुए है।

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