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Subhas Chandra Bose Jayanti: आजादी से पहले नेताजी ने यहां की कोठरी में गुजारे दिन, आज बच्चों को मिल रही शिक्षा

Wed, 22 Jan 2025 04:22 PM IST
श्याम जी. हेमलता रावत, अमर उजाला, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)
हेमलता रावत, अमर उजाला, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) Published by: श्याम जी. Updated Wed, 22 Jan 2025 04:22 PM IST
सार

आर्य नगर स्थित गुरुकुल इंद्रप्रस्थ के आचार्य ऋषिपाल आर्य ने बताया कि नेताजी आजादी से पहले आठ दिन तक एक कोठरी में भूमिगत रहे थे। इसके बाद से उनके नाम से गुरुकुल में शहीद स्मृति संग्रहालय है। 

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Netaji remained underground in closet of Gurukul Indraprastha for 8 days Before independence
गुरुकुल इंद्रप्रस्थ - फोटो : अमर उजाला

देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की यादें स्मार्ट सिटी से भी जुड़ी हुई हैं। आर्य नगर स्थित गुरुकुल इंद्रप्रस्थ के आचार्य ऋषिपाल आर्य ने बताया कि नेताजी आजादी से पहले आठ दिन तक एक कोठरी में भूमिगत रहे थे। इसके बाद से उनके नाम से गुरुकुल में शहीद स्मृति संग्रहालय है। यहां नेताजी के अलावा आजादी के आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी, जय प्रकाश नारायण और लाला लाजपत राय जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानी आए थे। हर साल की तरह 23 जनवरी को नेताजी की जयंती के उपलक्ष्य में गुरुकुल इंद्रप्रस्थ परिसर में यज्ञ होगा और साथ ही सभा भी आयोजित की जाएगी।

Netaji remained underground in closet of Gurukul Indraprastha for 8 days Before independence
गुरुकुल इंद्रप्रस्थ - फोटो : अमर उजाला

आचार्य ऋषिपाल आर्य ने बताया कि स्वामी श्रद्धानंद महाराज ने जून 1916 को गुरुकुल इंद्रप्रस्थ की स्थापना की थी। करीब पांच एकड़ में फैला गुरुकुल आज ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक स्थल के रूप में आगे बढ़ रहा है। गुरुकुल में बने एक हाल में एक छोटी कोठरी है, जिसमें सुभाष चंद बोस स्वतंत्रता सेनानियों के साथ अंग्रेजों के खिलाफ मीटिंग करते थे। गुरुकुल में जाने के लिए उस वक्त केवल एक पगडंडी बनी हुई थी, लेकिन आज समय के साथ गुरुकुल आने जाने के लिए रास्ता बन चुका है। 

Netaji remained underground in closet of Gurukul Indraprastha for 8 days Before independence
गुरुकुल इंद्रप्रस्थ - फोटो : अमर उजाला

80 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे 
शैक्षणिक कार्य को ध्यान में रखते हुए कई कमरों का जीर्णोद्धार किया गया है। अभी उनके गुरुकुल में कुल 80 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे है। गुरुकुल में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के तहत पठन-पाठन चल रहा है। वहीं, गुरुकुल में उच्च शिक्षा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से संबंधित पाठ्यक्रम के हिसाब से भी दी जाती है। विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय भी बना हुआ है। विद्यार्थी शिक्षा के किसी भी क्षेत्र में पीछे न रहे, इसलिए वैदिक रीति-नीति के तहत पठन-पाठन के अलावा आधुनिक शिक्षा भी दी जाती है।

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Netaji remained underground in closet of Gurukul Indraprastha for 8 days Before independence
गुरुकुल इंद्रप्रस्थ - फोटो : अमर उजाला

शहीद स्मृति संग्रहालय बनाया गया
देश के स्वतंत्रता सेनानी यहां आकर आंदोलन की रणनीति बनाते थे। गुरुकुल का आज भी महत्व इसलिए है कि यहां प्रमुख नेताओं से किए गए पत्राचार की प्रतियां भी संजोई हुई हैं। इसी गुरुकुल में चंद्रशेखर आजाद, अमर शहीद, रामप्रसाद बिस्मिल तथा सरदार भगत सिंह ने कई योजनाएं बनाई थीं। देश की आजादी के बाद ही यहां के एसेंबली हाल को शहीद स्मृति संग्रहालय का नाम दिया गया है।

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Netaji remained underground in closet of Gurukul Indraprastha for 8 days Before independence
गुरुकुल इंद्रप्रस्थ - फोटो : अमर उजाला

आजादी के आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी, जय प्रकाश नारायण तथा लाला लाजपत राय जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानी कई बार गुरुकुल इंद्रप्रस्थ आए थे। गुरुकुल इंदप्रस्थ में बने एक हाल में आज भी एक कोठरी है, इसी में सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता सेनानियों के साथ अंग्रेजों के खिलाफ बैठक किया करते थे।

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