फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मुरादनगर हादसाः बारिश ने बचा ली कई लोगों की जिंदगी, लेकिन बचाव में आई बाधा

Mon, 04 Jan 2021 05:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 04 Jan 2021 05:44 AM IST
सार

  • शवयात्रा में शामिल होने को घर पर जुटे थे 125 लोग, बारिश के कारण अंत्येष्टि में सिर्फ पहुंचे 70 लोग

विज्ञापन
Muradnagar Crematorium Accident News: The rain saved many lives
मुरादनगर श्मशान घाट हादसा - फोटो : amar ujala

रविवार को हुई तेज बारिश ने कई लोगों की जिंदगी बचा लीं। मुरादनगर के संगम विहार निवासी जयराम की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए घर पर 125 से अधिक लोग जुटे थे। रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे, लेकिन रविवार को सुबह साढ़े दस बजे के करीब शवयात्रा के शुरू होने के साथ ही कई लोग श्मशान घाट नहीं पहुंचे। ऐसे में श्मशान घाट में पहुंचने वाले लोगों की संख्या 70 के करीब रह गई। 


 

Muradnagar Crematorium Accident News: The rain saved many lives
मुरादनगर श्मशान घाट हादसा - फोटो : amar ujala

मौके पर पहुंचे जयराम के परिचित सुरेश कुमार ने बताया कि उन्हें भी अंतिम संस्कार में शामिल होना था। उनके साथ एक दोस्त भी घर पहुंचा था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने और तेज बारिश के कारण अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो सके। घटना बेहद दर्दनाक है। मामले में सीधे तौर पर दोषियों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी ओर बारिश के कारण हादसे के राहत-बचाव अभियान में भी कई बार रुकावट आई। तेज बारिश के चलते कई बार राहत-बचाव अभियान में व्यवधान पैदा हुआ।
 

Muradnagar Crematorium Accident News: The rain saved many lives
मुरादनगर श्मशान घाट हादसा - फोटो : amar ujala
श्मशान घाट हादसे में सबसे पहले पुलिस-प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया। फिर एनडीआरएफ की टीम ने राहत-बचाव अभियान की कमान संभाली। अभियान में जेसीबी के साथ बड़ी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रशासन की ओर से एनसीआरटीसी की मदद ली गई। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Muradnagar Crematorium Accident News: The rain saved many lives
हादसे के बाद... - फोटो : amar ujala
रैपिड रेल प्रोजेक्ट में दुहाई से मेरठ के बीच एलएंडटी कंपनी की से काम किया जा रहा है। ऐसे में रैपिड प्रोजेक्ट में लगी हाईड्रोलिक मशीनों को बुलाकर अभियान में इस्तेमाल किया गया। अगर रैपिड रेल कॉरिडोर की हाईड्रोलिक मशीन नहीं मिलती तो जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ का ऑपरेशन लंबा चलता। 
 
विज्ञापन
Muradnagar Crematorium Accident News: The rain saved many lives
श्मशान घाट - फोटो : अमर उजाला
हादसे में ढही छत काफी भारी थी। ऐसे में पहले जेसीबी से छत का मलबा हटाने में सफलता नहीं मिली। फिर बाद में रैपिड कॉरिडोर की हाईड्रोलिक मशीनों की मदद से भारी मलबे को हटाया गया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed