पुलिस की लापरवाही से भीकनपुर गांव में सोमवार रात फिर जातीय संघर्ष हो गया जिसमें आज 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दबंगों ने काम के बाद लौट रहे दो मजदूरों पर हमला बोलकर उन्हें घायल कर दिया।
मुरादनगरः पुलिस के सामने दोबारा हुआ जातीय संघर्ष, तनाव के बीच 22 लोग गिरफ्तार
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गंभीर हालत में दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। सीओ सदर मय पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
सोमवार रात करीब सवा सात बजे भीकनपुर गांव निवासी जयबीर बुग्गी लेकर और प्रमोद मजदूरी कर गांव में लौट रहे थे। आरोप है कि गांव के बीच रास्ते में दबंगों ने लाठी-डंडों से दोनों पर हमला कर दिया। खबर गांव में फैलते ही दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गये। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस बल गांव में पहुंचा और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने घायल जयबीर और प्रमोद को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दोबारा जातीय संघर्ष होने के कारण गांव में तनाव है। सीओ सदर पवन कुमार ने गांव का दौरा किया। गांव में तनाव के चलते पुलिस फोर्स तैनात किया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
गौरतलब है कि भीकनपुर गांव में रविवार रात दो पक्षों में टशनबाजी को लेकर जातीय संघर्ष हो गया था। दोनों पक्षों में जमकर लाठी डंडे, पथराव और फायरिंग हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के सात लोग घायल हो गए। घायलों में मनोज, सचिन, प्रवीन, सनी और अरुण, निखिल और निशांत हैं। संघर्ष के बाद दलित समाज के लोगों ने डर से घरों से निकलना बंद कर दिया है। दो दिन से चल रहे जातीय संघर्ष के कारण गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है।