शपथ ग्रहण के इंतजार में बैठे नवनिर्वाचित पार्षदों की उम्मीदों पर बृहस्पतिवार को पानी फिर गया। शहर की नई सरकार राजनीति का शिकार हो गई। शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित कर दिया गया और इसका कारण मंडलायुक्त (गुरुग्राम) का अचानक बीमार होना बताया गया। सुबह 11 बजे दो पार्षद निगम सभागार पहुंचे थे बाकी 30 पार्षद मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा के घर बैठक करने में जुटे रहे। अभी अगली तिथि की घोषणा नहीं की गई है। कानून के जानकारों का कहना है कि आगामी 9 फरवरी तक सदन का गठन हो जाना चाहिए।
शपथ ग्रहण शुरू होने के पहले ही नगर सदन में लगा ताला, दो घंटे चली माथापच्ची
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डेढ़ साल से शहर की नई सरकार के लिए सदन इंतजार करता रहा लेकिन आखिर में निराशा ही हाथ लगी। घंटों इंतजार के बाद निगम सदन में ताला लगाना ही पड़ा। सदन को सजाकर सभी पार्षदों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। गेट के बाहर शपथ ग्रहण समारोह का बोर्ड भी लगा दिया गया था। नगर निगम के अधिकारी सुबह से ही वहां डटे रहे लेकिन अंत में निगम प्रशासन द्वारा की गई सभी तैयारियां धरी रह गईं।
बता दें कि निगम सदन मई 2015 से स्थगित है। डेढ़ साल बाद नई वार्डबंदी से निगम चुनाव कराया गया। आठ जनवरी को हुए चुनाव में परिणाम की घोषणा की गई जिसमें 40 वार्डों में से 29 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए हैं। चुनाव परिणाम के बाद 12 जनवरी को अधिसूचना जारी की जा चुकी है। कानून के जानकारों का कहना है कि हरियाणा म्यूनिस्पल कारपोरेशन इलेक्शन रूल्स की धारा 71 के तहत अधिसूचना जारी होने के 30 दिन के अंदर सदन का गठन हो जाना चाहिए। ऐसे में गठन के लिए आगामी 9 फरवरी तक का समय शेष है।