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Mulayam Singh Yadav Death News: मुलायम सिंह यादव ने राजनीतिक जीवन में लिए ये पांच बड़े फैसले

Mon, 10 Oct 2022 03:49 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 10 Oct 2022 03:49 PM IST
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Mulayam Singh Yadav took five big decisions in political life
मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई अहम फैसले लिए। जवानी के दिनों में पहलवानी का शौक़ रखनेवाले मुलायम सिंह सक्रिय राजनीतिक में आने से पहले शिक्षक हुआ करते थे। समाजवादी राजनेता राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित रहे मुलायम सिंह ने अपने राजनीतिक सफर में पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यकों के हित की अगुवाई कर अपनी पुख्ता राजनीतिक ज़मीन तैयार की। मुलायम सिंह ने राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में 1967 में सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर सबसे कम उम्र में विधायक बनकर दमदार तरीके से अपने राजनीतिक करियर का आगाज किया था। उसके बाद उनके राजनीतिक सफर में उतार-चढ़ाव तो आए लेकिन राजनेता के रूप में उनका कद लगातार बढ़ता गया।...एक नजर मुलायम सिंह के पांच महत्वपूर्ण फ़ैसलों पर
Mulayam Singh Yadav took five big decisions in political life
अखिलेश, शिवपाल और मुलायम(फाइल फोटो)
अलग पार्टी- साल 1992 में मुलायम सिंह ने जनता दल से अलग होकर समाजवादी पार्टी के रूप में एक अलग पार्टी बनाई। तब तक पिछड़ा मानी जानेवाली जातियों और अल्प संख्यकों के बीच खासे लोकप्रिय हो चुके मुलायम सिंह का ये एक बड़ा क़दम था जो उनके राजनीतिक जीवन के लिए मददगार साबित हुआ।

2012 का विधानसभा चुनाव जीतने से पहले वो तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र की राजनीति में भी अहम भूमिका निभाई।

 
Mulayam Singh Yadav took five big decisions in political life
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलवाने का फैसला
1989 में मुलायम सिंह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। केंद्र में वी पी सिंह की सरकार के पतन के बाद मुलायम ने चंद्रशेखर की जनता दल (समाजवादी) के समर्थन से अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी बरकरार रखी। जब अयोध्या का मंदिर आंदोलन तेज़ हुआ तो कार सेवकों पर साल 1990 में उन्होंने गोली चलाने का आदेश दिया जिसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए थे। बाद में मुलायम ने कहा था कि ये फैसला कठिन था। हालांकि इसका उन्हें राजनीतिक लाभ हुआ था और उनकी मुस्लिम परस्त छवि बनी थी। उनके विरोधी तो उन्हें 'मुल्ला मुलायम' तक कहने लगे थे।

 
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Mulayam Singh Yadav took five big decisions in political life
मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
यूपीए सरकार को न्यूक्लियर डील में समर्थन
साल 2008 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार अमेरीका के साथ परमाणु करार को लेकर संकट में आ गई थी जब वामपंथी दलों ने समर्थन वापस ले लिया था। ऐसे वक्त पर मुलायम सिंह ने मनमोहन सरकार को बाहर से समर्थन देकर सरकार बचाई थी। जानकारों का कहना था कि उनका ये क़दम समाजवादी सोच से अलग था और व्यवहारिक उद्देश्यों से ज़्यादा प्रेरित था।

 
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Mulayam Singh Yadav took five big decisions in political life
अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव
अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला
साल 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में 403 में से 226 सीटें जीतकर मुलायम सिंह ने अपने आलोचकों को एक बार फिर करारा जवाब दिया था। ऐसा लग रहा था कि मुलायम सिंह चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेंगे, लेकिन उन्होंने अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाकर समाजवादी पार्टी की राजनीति के भविष्य को एक नई दिशा देने की पहल कर दी थी।

 
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