अस्पताल पर बंदरों का हमला, डॉक्टरों ने खुद को किया कैद
गढ़मुक्तेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मंगलवार दोपहर बंदरों के एक बड़े झुंड ने धावा बोल दिया। बंदरों ने इलाज के लिए आए महिला-बच्चों और बुजुर्ग समेत करीब दर्जन मरीजों को काटकर जख्मी कर दिया। बंदरों को देखकर अस्पताल में भगदड़ मच गई।
अस्पताल पर बंदरों का हमला, डॉक्टरों ने खुद को किया कैद
गढ़ सीएचसी में मंगलवार दोपहर 12 बजे मरीजों की लाइन लगी थी। तभी करीब पांच दर्जन बंदर अस्पताल के अंदर घुस आए। वहां खड़े मरीजों पर बंदर अचानक टूट पड़े। बंदरों को देखकर मरीजों में भगदड़ मच गई।
अस्पताल पर बंदरों का हमला, डॉक्टरों ने खुद को किया कैद
बंदरों के काटने से स्नेह निवासी दौताई, सोनू निवासी खिलवाई, मानसिंह, शिवानी, कृष्ण, गंगाराम, राजकुमार, अमन, नवीन, संजय, ऋतिका निवासी गढ़, विनय निवासी ब्रजघाट, रानी निवासी बदरखा, श्रीपाल, राहुल निवासी ठेरा मंढैया बुरी तरह जख्मी हो गए।
अस्पताल पर बंदरों का हमला, डॉक्टरों ने खुद को किया कैद
भगदड़ में पैर फिसलने से साबरी, खातून, नजमा, गंगादेई, वीरपाली, हरनंदी, फराहीम घायल हो गए। बंदरों के लौटने के बाद चिकित्सकों ने जख्मी मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए।
कमरों में छिप गया अस्पताल स्टाफ
बंदरों का हमला होने से बहादुरगढ़ की वीरवती और नयागांव की रेखा बच्चों को भी छोड़कर भाग निकलीं। चिकित्सकों और कर्मचारियों ने कमरे में छिपकर जान बचाई।
अस्पताल पर बंदरों का हमला, डॉक्टरों ने खुद को किया कैद
एसडीएम केबी सिंह का कहना है कि बंदरों का हमला होना बेहद गंभीर मामला है। इसे रोकने लिए शीघ्र ही वन विभाग और पालिका प्रशासन के साथ मिलकर प्लान बनाया जाएगा। पालिका चेयरमैन संगीता पुरुषोत्तम का कहना है कि बंदरों की तेजी से बढ़ रही संख्या चिंता का विषय है। इनकी रोकथाम के लिए बोर्ड बैठक में मामला लाया जाएगा।