महामारी काल में मेट्रो की सेवाएं दोबारा शुरू करने के लिए यात्रियों की सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। सभी यात्रियों और कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा। वहीं संक्रमण का प्रसार ना हो इसके लिए सैनिटाइजिंग डिस्पेंसर्स भी लगाए जा चुके हैं। सिर्फ यही नहीं अब स्टेशनों के सिर्फ 38 फीसदी गेट की लोगों के आने जाने के लिए खुलेंगे और क्या तैयारियां कर रही है डीएमआरसी पढ़ें पूरी खबर...
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दिल्ली मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के संक्रमण को रोकने, भीड़ कम करने और सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए स्टेशनों के सिर्फ 38 फीसदी गेट यात्रियों के प्रवेश या निकासी के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद भी अगर प्रवेश से पहले अधिक भीड़ हुई तो नियमित अंतराल के बाद गेट खोले जाएंगे।
दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों पर 670 गेट हैं, लेकिन इनमें से करीब 250 गेट यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। लिफ्ट में भी केवल 3 यात्रियों को ही प्रवेश की इजाजत होगी। संक्रमण से बचाव के साथ-साथ सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। हालांकि सुरक्षाकर्मी बगैर छुए यात्रियों की जांच करेंगे। शक होने पर किसी भी यात्री की सघनता से जांच की जाएगी।
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दिल्ली मेट्रो
- फोटो : दिल्ली मेट्रो ट्विटर
सोशल डिस्टेंसिंग: 20 फीसदी यात्री ही कर पाएंगे मेट्रो में सफर
मेट्रो में सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करने के लिए सीट और स्टेशन परिसर में स्टिकर लगाए जा चुके हैं। एक कोच में करीब 50 यात्री यानि एक बार में मेट्रो में 300-400 यात्री ही सफर कर सकेंगे। लॉकडाउन से पहले औसतन छह कोच की मेट्रो में करीब 1500 यात्री सफर करते थे, अब यह संख्या घटकर करीब 300 रह जाएगी।
कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजिंग डिस्पेंसर लगाए गए हैं। अब स्मार्ट कार्ड से ही सफर की सुविधा मिलेगी और बुजुर्गों या कम पढ़े लिखे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। अब तक करोड़ों का नुकसान झेल चुकी डीएमआरसी की ओर से शुरुआती दिनों में थोड़ा कम वक्त के लिए मेट्रो का परिचालन किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस मामले में निर्देश मिलने के बाद ही इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।