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शहीद संदीप की अंतिम यात्राः हाथ में तिरंगा जुबान पर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे, बाजार भी कर दिए बंद

Wed, 20 Feb 2019 02:50 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 20 Feb 2019 02:50 PM IST
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martyr sandeep last rites youth on street with national flag slogans pakistan murdabad market closed
martyr sandeep - फोटो : अमर उजाला

14 फरवरी को सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आत्मघाती हमले से दो दिन पहले पुलवामा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में गांव अटाली के संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मंगलवार को संदीप शहीद हो गए। पैरा यूनिट में तैनात नायक हवलदार संदीप को चार गोलियां व ग्रेनेड के छर्रे लगे थे। गंभीर हालत में संदीप कश्मीर स्थित सेना अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थे। आज बल्लभगढ़ में उनकी अंतिम यात्रा निकल रही है, जिसमें हर कोई अपने जांबांज बेटे की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सड़कों पर उतर आया।

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martyr sandeep - फोटो : अमर उजाला

शहीद संदीप का पार्थिव शरीर बल्लभगड़ पहुंच चुका है और उनकी अंतिम यात्रा पर लोग फूल बरसाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में युवा भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हो गए हैं और तिरंगा हाथ में लिए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं।

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martyr sandeep - फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों ने शहीद संदीप को श्रद्धांजलि देने के लिए बाजार भी बंद कर दिए हैं और पूरा शहर उनके अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़ा है। उनका अंतिम संस्कार अटाली गांव के राजकीय स्कूल में किया जाएगा।
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martyr sandeep - फोटो : अमर उजाला

 अधिकारियों ने अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट का मंगलवार को निरीक्षण किया, मगर ग्रामीणों ने श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि संदीप कोई आम आदमी नहीं हैं। वह हमारे गांव का शहीद हैं। उनकी अंतिम यात्रा में पूरा जनसैलाब होगा। ऐसे में श्मशान घाट छोटा पड़ जाएगा। इस पर अधिकारियों ने भी राजकीय स्कूल में अंतिम संस्कार के लिए सहमति जता दी।

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martyr sandeep - फोटो : अमर उजाला

12 फरवरी को पुलवामा के पास गांव रतनीपुरा में तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर संदीप की पैरा यूनिट और राजपूताना राइफल्स ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन शुरू किया था। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों की चार गोलियां संदीप को लगीं। आतंकियों ने ग्रेनेड से भी हमला किया था, उसके छर्रे भी संदीप को लगे। संदीप को गंभीर हालत में सेना अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां वह आईसीयू में थे। मुठभेड़ 12 फरवरी को सुबह 7.30 बजे के आसपास हुई थी।

फौजियों का परिवार है
पैरा यूनिट में नायक हवलदार संदीप का पूरा परिवार फौज से जुड़ा हुआ है। संदीप के अलावा उसके ताऊ भानवीर का बेटा गजेंद्र, ताऊ महावीर का बेटा कुलदीप व चाचा महेश का बेटा प्रवेश भी सेना में हैं। इसके अलावा इनमें कुनबे के चार बुजुर्ग सेना से सेवानिवृत्त हैं। कश्मीर में आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं और हमारे जवान उसका मुंह तोड़ जवाब भी दे रहे हैं। मगर सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद पूरा देश आहत है और पाकिस्तान को इसका मुंह तोड़ जवाब देने की जरूरत है।

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