देखिए उस एनकाउंटर का सच जिसमें फंस सकती है दिल्ली पुलिस
शनिवार को मनोज कुमार वशिष्ठ के राजेंद्र नगर इलाके में बने सागर रत्ना रेस्टोरेंट में एनकाउंटर मामले में पुलिस का कहना है कि वह उसे गिरफ्तार करने की नीयत से वहां पहुंची थी, लेकिन पुलिस टीम को देखते ही उसने गोली चला दी। इसके बाद पुलिस भी सकते में आ गई। उस समय रेस्टोरेंट में भी काफी लोेग जमा थे।
देखिए उस एनकाउंटर का सच जिसमें फंस सकती है दिल्ली पुलिस
गोली चलते ही वहां अफरातफरी मच गई। एनकाउंटर में मारे गए मनोज की पत्नी प्रियंका ने मुठभेड़ को फर्जी बताया है। हालांकि पुलिस का आरोप है कि मनोज अपनी पत्नी प्रियंका के साथ मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था। उसकी पत्नी जिला पंचायत की सदस्य है।
देखिए उस एनकाउंटर का सच जिसमें फंस सकती है दिल्ली पुलिस
वर्ष 2002 में जनकपुरी के एक मामले में दोनों ने करीब छह हजार युवाओं से करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया था। उसने लोगों से डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद के लिए आवेदन करवाया और सभी से 11 हजार रुपये ले लिए।
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स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि मनोज कुमार वशिष्ठ (37) बागपत जिले का रहने वाला था। दिल्ली के राजेंद्र नगर में उसका कार्यालय है। शनिवार को वह किसी को राजेंद्र नगर स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में मिलने के लिए बुलाया था।
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हालांकि इस पूरे मामले में मनोज की पत्नी प्रियंका के बयान के बाद दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रियंका ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मनोज का एनकाउंटर नहीं हुआ है बल्कि योजना बना कर उनकी हत्या की गई है।