दिल्ली प्रदेश भाजपा ने सीलिंग एवं प्रदूषण के मामले में दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सीलिंग मसले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के अत्यधिक प्रदूषण, भीड़भाड़ और व्यापारीकरण पर अपेक्षित ब्लू प्रिंट प्रस्तुत न करने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने से इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार की उदासीनता जगजाहिर हो गई है। इसके कारण ही दिल्ली में व्यापक स्तर पर सीलिंग हो रही है।
मनोज तिवारी ने कहा कि व्यापारियों को सीलिंग के मुद्दे पर राहत देने के लिए अर्जी की सुनवाई करने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से बढ़ते प्रदूषण व भीड़भाड़ का निदान करने और भविष्य में गैर कानूनी व्यापारिक गतिविधियों को रोकने के बारे में योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। मगर दिल्ली सरकार ने योजना प्रस्तुत नहीं की। इस तरह उसने एक बार फिर से व्यापारियों के साथ धोखा किया है, जिसके फलस्वरूप सीलिंग से राहत देने के लिए व्यापारियों की अर्जी पर निकट भविष्य में सुनवाई संभव नहीं हो सकेगी।