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दादी की एक सलाह से बदली इस शख्स की जिंदगी, आज एक हजार लोगों का भरता है पेट रेट ओनली 5 रु. पर प्लेट

Thu, 07 Jun 2018 09:41 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 07 Jun 2018 09:41 AM IST
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man start dadi ki rasoi full plate meal only five rupees in noida
dadi ki rasoi

आज के मंहगाई के दौर में लोगों को अपना पेट पालना मुश्किल हो रहा है। वहीं एक शख्स जरूरतमंदों को 5 रुपए में भरपेट खाना खिला रहा है। जी हां, सेक्टर 29 निवासी अनूप खन्ना हर रोज 'दादी की रसोई' नाम से स्टॉल लगाते हैं, जहां 5 रुपए में जितना मर्जी उतना खाना खा सकते हैं। अनूप खाने को शुद्ध घी में बनाते हैं। वैसे अनूप केमिस्ट हैं और खुद 1000 लोगों का खाना स्पॉन्सर करते हैं। वैसे ये मूलरूप से मुरादाबाद के रहने वाले हैं और इनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे। पूरा परिवार 34 साल पहले 1984 में नोएडा आकर बसा गया था। 

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इनकी कैमिस्ट की दुकान सेक्टर 29 में बने गंगा शॉपिंग कॉम्पलेक्स में है। इसके अलावा अनूप कैमिस्ट एसोसिएशन और पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। इनकी 'दादी की रसोई' सेक्टर 29 और सेक्टर 17 में भी है। दोनों जगहों का मिलाकर हर रोज 500 से एक हजार लोगों खाना खाते हैं। जरूरतमंद लोग ब्रांडेड कपड़े महज 10 रुपए में खरीद सकते हैं।

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इनके ग्रुप के 7 लोग मिलकर कैंटीन को संभालते हैं लेकिन पैसा पूरा ये खुद अपनी जेब से खर्च करते हैं। देश की संसद में सब्सिडाइज्ड होकर 20 रुपए प्रति प्लेट मिलती है। शिरडी साईं बाबा की ट्रस्ट भी 10 रुपए प्रति प्लेट भोजन देती है लेकिन दादी के कैंटीन इन दोनों से सस्ती है। अनूप का कहना है कि इसकी शुरुआत लगभग ढाई साल पहले (2015) मेरे बर्थडे (21 अगस्त) से हुई थी। जन्मदिन से एक दिन पहले हम सभी साथ बैठकर खाना खा रहे थे। उस समय मेरे पिता और दादी दोनों हमारे साथ थे। दादी बोलीं- कितना अच्छा होता कि हर गरीब भी ऐसे ही भरपेट खाना खा पाता।


 
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उनकी ये बात हम सभी को बहुत अच्छी लगी। पिताजी ने कहा- कल से ही यह काम शुरू कर देते हैं। इस तरह उन्होंने मेरे जन्मदिन पर खाना बनवाकर लगभग 200 से 250 लोगों को खाना खिलाया। यह किसी को भीख न लगे, इसलिए हमने इसका दाम 5 रुपए रखा, जो हर शख्स की पहुंच में हो। अब चूंकि आइडिया दादी का था, इसलिए पिताजी ने इसका नाम दादी की रसोई रखा। उस दिन हमारा पूरा परिवार इस काम में जुटा है। आज हम हर रोज 500 से 1000 लोगों का पेट भरते हैं।

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अनूप ने बताया कि इस कैंटीन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा से विधायक पंकज सिंह पिछले साल वोट काउंटिंग के दिन खुद यहां आएं थे। उन्होंने खाना भी बांटा। इसके साथ ही सेक्टर-17 में पांच रुपये में खाने के स्टॉल को खुद स्पॉन्सर किया था। हमारी टीम रात से ही अगले की दिन की तैयारियों में जुट जाती है। खाना खिलाने के दौरान अन्न के बेकार न जाने और गंदगी न होने का पूरा ध्यान दिया जाता है। 
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