भारतीय रेलवे समय-समय पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए नए नियम लागू करता रहता है। इस दौरान भारतीय रेलवे ने अपने नियम में अहम बदलाव किये हैं जिससे पता चलता है कि रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए गंभीर हो रहा है। आइए जानते हैं कि पिछले कुछ समय में भारतीय रेलवे ने किस तरह के बड़े बदलाव किए हैं।
रेलवे के इन 4 बड़े फैसले से जनता को मिलेगा लाभ, जानिए कैसा है ये नियम
ट्रेनों की देरी से मिलेगा छुट्टी
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेनों को टाइम पर लाने के लिए ट्रेनों की औसत रफ्तार बढ़ाने तथा दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूटों को तीन महीने के भीतर 160 किलोमीटर की रफ्तार वाली ट्रेनों के योग्य बनाने के अफसरों को निर्देश दिए हैं। ये निर्देश इसलिए दिया गया क्योकि पिछले 3 साल से चलाए जा रहे 'मिशन रफ्तार' की रफ्तार बहुत धीरे है।
दादरी से मुंबई के बीच बन रहा पश्चिम कॉरिडोर के 2020 में चालू होने की उम्मीद है। जबकि लुधियाना से डांकुनी के बीच बन रहा पूर्वी कॉरिडोर 2021-22 में पूरा होगा। दोनो कॉरिडोर के कुछ बीच के खंड पहले भी चालू हो सकते हैं। इससे मालगाड़ियां कॉरिडोर पर शिफ्ट हो जाएंगी और मौजूदा लाइनें पूरी तरह पैसेंजर ट्रेनों के लिए मुक्त हो जाएंगी।
रेलवे की वेबसाइट में होगा सुधार
आईआरसीटीसी ने मंगलवार को ई-टिकटिंग वेबसाइट को संशोधित किया है। इसमें उसने नया यूजर इंटरफेस (यूआई) जोड़ा है। यह जानकारी पीआईबी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सामने आई है। इसमें बताया कि वेबसाइट में नये फीचर्स यूजर्स के अनुभव को सुधारने के लिए किये गये हैं। इसमें यूजर्स बिना लॉग इन करें इंक्वायरी, ट्रेन को सर्च और सीटों की उपलब्धता के बारे में पूछ सकते हैं।
प्लास्टिक प्लेट में नहीं मिलेगा खाना
विश्व पर्यावरण दिवस पर प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उसने सफर के दौरान रेल यात्रियों को प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाली थाली, प्लेट व कंटेनर में खाद्य पदार्थ परोसने का फैसला किया है। मंगलवार से दिल्ली से चलने वाली चार राजधानी व चार शताब्दी ट्रेनों में इसकी शुरुआत की गई है। आने वाले समय में अन्य ट्रेनों में भी इसे लागू किया जाएगा।
ज्यादा सामान पर होगा जुर्माना
अब यदि आप निर्धारित से अधिक वजन अथवा आकार का सामान लेकर ट्रेन में सफर करेंगे तो आपको डेढ़ से छह गुना तक पेनाल्टी भरनी पड़ सकता है। रेल मंत्रालय 2006 के लगेज एंड पार्सल रूल्स को कड़ाई से लागू करने पर विचार कर रहा है। इन नियमों के मुताबिक एसी फर्स्ट क्लास में बुक करने के बाद अधिकतम 150 किलोग्राम सामान ले जाया जा सकता है। इसमें से 70 किलोग्राम तक सामान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। जबकि इससे 15 किलोग्राम तक ज्यादा सामान पर डेढ़ गुना दर से शुल्क लगेगा। परंतु यदि सामान का वजन इससे भी ज्यादा हुआ तो टीटीई को छह गुना शुल्क वसूलने का अधिकार है।
इसी प्रकार फर्स्ट क्लास अथवा सेकंड एसी के लिए सामान की अधिकतम सीमा 100 किलोग्राम और निशुल्क सीमा 50 किलोग्राम है। निशुल्क सीमा से 10 किलो तक अधिक (अर्थात कुल 60 किलो) वजन पर अतिरिक्त वजन के अनुसार डेढ़ गुना शुल्क और उससे भी ज्यादा वजन अथवा बिना बुकिंग का सामान होने पर टीटीई द्वारा छह गुना पेनल्टी लगाई जा सकती है। एसी थर्ड के मामले में अधिकतम और निशुल्क सीमा दोनो 40 किलो की है।