पूरे देश में आज महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जा रही है। मंदिरों में जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। सोमवार को सुबह से ही शहर बम-बम भोले और ओम नम: शिवाय के जयकारों से गुंजायमान हो रहा। शिव भक्त भोले को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर कमेटियों ने भी भक्तों की सुविधाओं और सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। आपको बता दें कि इस बार की महाशिवरात्रि पर दो खास संयोग बन रहे हैं जो इस पर्व को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। अगर आप इनका लाभ चाहते हैं तो आगे बताई गई विधि से पूजन करें जिससे भगवान शिव आपसे प्रसन्न होंगे...
चंद्र और सोमनाथ के दुर्लभ संयोग से महाशिवरात्रि होगी खास, ऐसे करें पूजन
सुबह की महाआरती के बाद मंदिरों के पट भक्तों के लिए खुल गए हैं। ज्योतिषविदें के अनुसार सोमवार के स्वामी चंद्र और बाबा सोमनाथ का दुर्लभ संयोग (शिव योग) इस महापर्व को और खास बनाएगा। इस बार भगवान शिव की कृपा के साथ चंद्र देव की शीतलता भी बरसेगी। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों जैसे सेक्टर-100 वोडा महादेव, सेक्टर-24 शिव दुर्गा मंदिर, सेक्टर- 44 शिव शक्ति मंदिर, सेक्टर-19 सनातन धर्म मंदिर आदि में विशेष पूजन होगा।
ज्योतिषविद् पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि शिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस बार शिवरात्रि शिव योग में पड़ रही है जो बेहद अच्छा संयोग है। यह योग सोमवार को दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होगा। इस दौरान भक्तों पर भगवान शिव की असीम कृपा बरसेगी। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को सोम कहा गया है। भगवान शिव को सोमनाथ कहा जाता है। सोमवार को शिवजी की पूजा करने से भोले शंकर प्रसन्न होते हैं। महाशिवरात्रि पर सूर्य-चंद्रमा शिव योग बना रहे हैं। यह कल्याण कारक एवं सफलता दायक योग होता है। इसमें भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। अगली स्लाइड में पढ़ें पूजन विधि-
ऐसे करें पूजन
- नहाकर हल्के सफेद या हल्के गुलाबी रंग के कपड़े पहनें।
- भगवान सूर्यनारायण को तांबे के लोटे से जल दें और वहीं पर खड़े होकर 3 प्रदक्षिणा करें।
- अब अपने घर के मंदिर में साफ-सफाई आरंभ कर दें और हो सके तो घर के मंदिर को उत्तर पूर्व के कोने में ईशान कोण में स्थापित करें।
- मंदिर के सभी सामान को व्यवस्थित रखें।
- मंदिर में प्रयोग होने वाले दीया, प्लेट, घंटी, शंख आदि को पहले ही साफ करके रखें।
- इसके बाद रोली, मोली, साबुत चावल, धूप दीप, मिश्री, कमल गट्टा, साबुत हल्दी, पांच प्रकार के फल, सफेद मिष्ठान, सफेद चंदन, नाग केसर, केसर, बेल पत्र, आक धतूरा, भांग, लाल और पीले गुलाब के फूल, आक के फूल, अबीर गुलाल, गुलाब, चंदन का इत्र आदि पूजन सामग्री भोले नाथ को अर्पण करें।
- संध्या काल के समय एक शुद्ध रुद्राक्ष की माला सफेद पीले फूलों के साथ भगवान शिव को अर्पण करें, ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य में वृद्धि होगी। अर्पण करें, ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य में वृद्धि होगी।