कइयों की काली करतूत खोल गया संकल्प का सुसाइड नोट
मशहूर गीतकार संतोष आनंद के बेटे और बहू के आत्महत्या करने के बाद अब इस मामले से जुडे लोगों की सांसे अटकने लगी हैं। मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में संकल्प आनंद ने जिन लोगों के नामों का जिक्र किया है वे सभी डरे सहमे हुए हैं। संकल्प आनंद ने 10 पन्नों के सुसाइड नोट में क्या कुछ लिखा पढ़िए आगे।
कइयों की काली करतूत खोल गया संकल्प का सुसाइड नोट
मैं संकल्प आनंद लोकनायक जयप्रकाश नारायण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फॉरेंसिक साइंस में समाजशास्त्र का लेक्चरर हूं और दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहता हूं। मैं अपनी पत्नी नरेश नंदिनी आनंद और बेटी रिद्धिमा आनंद के साथ अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। इस खुदकुशी की वजह मेरे और दूसरों के गलत कामों के चलते मेरे ऊपर पड़ने वाला दबाव है।
कइयों की काली करतूत खोल गया संकल्प का सुसाइड नोट
यह सारा मामला दिसंबर 2012 में शुरू हुआ। तब तक मेरी जिंदगी खुशहाल थी, न कोई समस्या थी, न कोई तनाव था। एक दिन मुझे इंस्टीट्यूट का डीडीओ बना दिया गया।
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इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर कमलेंद्र प्रसाद, डीआईजी संदीप मित्तल और बी एन चट्टोराज ने मुझसे कहा कि एक कंस्ट्रक्शन स्कीम के तहत 250 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं और इस काम के लिए एक कंस्ट्रक्शन कंपनी की जरूरत होगी। इसके बाद गुड़गांव की एक कंपनी इंटरजेन एनर्जी लिमिटेड का चयन किया गया।
कइयों की काली करतूत खोल गया संकल्प का सुसाइड नोट
कंपनी से कुल लागत का एक फीसदी एडवांस के तौर पर मांगा गया। इसके बाद कंपनी ने 4 जून को 15 लाख रुपये एडवांस के तौर पर जमा करा दिए। ये रकम मैंने डीआईजी संदीप मित्तल को सौंप दी। इसके बाद मुझे कंपनी का एग्रीमेंट बनाने के लिए कहा गया।