लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हर पार्टी अपने साथ ऐसे धुरंधर जोड़ने में लगी है जो चुनाव में उसके लिए वोट और विपक्षियों के लिए हार का सबब बनें। ऐसे में अफवाहों का बाजार गर्म है कि आम आदमी पार्टी का एक बड़ा चेहरा कुछ समय में भाजपा में शामिल हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
क्या आप से छूट जाएगा 'विश्वास' का साथ, पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं ये 9 नेता
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आशीष खेतान
आशीष खेतान जो शुरू से ही पार्टी में रहे वह भी 2018 में पार्टी छोड़ गए। इसके कारण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था, 'मैं आम आदमी पार्टी नहीं, राजनीति छोड़ना चाहता था, इसलिए पार्टी से दूर होना पड़ा। इसके लिए काफी पहले ही मन बना लिया था, लेकिन सही समय की तलाश कर रहा था। जब आम आदमी पार्टी को अदालत में जीत मिली और लगा कि पार्टी ठीक-ठाक ढंग से चल रही है, मैंने खुद को अलग कर लिया। मैंने काफी पहले से इसके बारे में पार्टी को आगाह कर दिया था। मेरा कारण निजी है। मैं पिछले डेढ़ साल से सोच रहा था। मैंने इसके बारे में अपने परिवार और दोस्तों से बात की और इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मैं पार्टी की भीतरी राजनीति नहीं करूं। मैं अपने कानूनी अभ्यास पर ध्यान केंद्रित करना चाहता था।'
आशुतोष
पत्रकारिता छोड़कर नई राजनीति करने का सपना लेकर आम आदमी पार्टी से जुड़े आशुतोष ने भी 2018 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया। आशुतोष ने अपने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों को वजह बताया था।
कपिल मिश्रा
एमसीडी चुनाव के बाद केजरीवाल और कपिल मिश्रा के बीच तल्खी सामने आई थी। कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर दो करोड़ की रिश्वत लेने के आरोप लगाए। मामला बढ़ता गया और आखिरकार केजरीवाल ने कपिल मिश्रा को मंत्री पद से हटा दिया। कपिल तब से लगातार केजरीवाल के खिलाफ एक के बाद एक खुलासे और आरोप लगाते रहे हैं।
प्रशांत भूषण
अन्ना आंदोलन के बाद केजरीवाल ने मशहूर वकील प्रशांत भूषण के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी बनाई थी। प्रशांत भ्रष्टाचार के खिलाफ माहौल बनाने में अहम भूमिका निभा रहे थे। लेकिन, कुछ दिनों बाद उनके बीच मनमुव पैदा हो गया। ऐसे में आंतरिक कलह के कारण अरविंद केजरीवाल ने उन्हें बाहर कर दिया।